टीकाकरण में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर।
-जन प्रतिनिधियों, महिला आरोग्य समिति, स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों ने ली जिम्मेदारी।
जयपुर. राजस्थान।
बच्चों को जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए नियमित एवं समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ और मंजरी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आरसीएचओ जयपुर प्रथम कार्यालय सभागार में क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जन प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों, आरोग्य समिति के प्रतिनिधियों तथा युवा समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए आरसीएचओ डॉ. महेश चौधरी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का तय समय पर टीकाकरण करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में जन प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह और समुदाय आधारित संगठनों की सक्रिय भागीदारी बेहद अहम है। यदि समाज का सहयोग मिले तो कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहेगा। डॉ. ओपी टांक के अनुसार-कार्यशाला में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम एवं एचपीवी वेक्सिनेशन को और अधिक प्रभावी बनाने, जीरो डोज बच्चों की पहचान, टीकाकरण के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को टीकाकरण से जुड़े, महत्वपूर्ण संदेशों के साथ उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों से भी अवगत करवाया गया। सभी प्रतिभागियों ने टीकाकरण से वंचित बच्चों को मुख्य धारा में लानें के लिए यथा संभव प्रयास करने की प्रतिज्ञा ली। कार्यशाला में आरसीएचओ डॉ. महेश चौधरी , विभिन्न वार्डों के पार्षद, सक्रिय संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि एवं मंजरी संस्थान से जिला एवं खंड समन्वयक उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन एवं तकनीकी सहयोग मंजरी संस्थान यूनिसेफ द्वारा किया गया।
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