अन्नदाता किसानों की धान की फसल पीला होकर झुलस गया. दर्जनों एकड़ मे लगी धान फसल बर्बाद. 100% पौधे पीला होकर सुखा. किसानों ने की मुआवजा की मांग।
इस बार क्या खाएंगे. बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा : किसान
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने किसानों से मिलकर खेत में लगी धान फसल का किया भ्रमण
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
चंदवा, लातेहार, झारखंड।
कामता पंचायत के दामोदर गांव के अन्नदाता किसानों की दर्जनों एकड़ मे लगी फसल बर्बाद हो गया है. 100% पौधे पीला हीकर झुलस गए है. धान की फसल देखकर किसानों की चेहरे भी सुखने लगे हैं. किसानों ने दामोदर गांव स्थित जोब्या में कामता लैंम्पस से खरीदारी की थी सरकारी धान बीज.
किसानों की ओर से जानकारी दिए जाने के बाद मंगलवार को पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने दामोदर गांव पहुंचकर किसानों से मुलाकात कर जानकारी ली. खेत में लगी धान फसल का भ्रमण किया।
किसान रामलाल उरांव. झालो देवी. बसंती देवी. राजो देवी ने बताया कि
दो पॉकेट. 50 किलो धान बीज जोब्या स्थित कामता लैम्पस से खरीदकर करीब दी एकड़ की भुमि में लगाया था.
खेतों में बीज बोने के बाद खाद, पानी और अन्य कृषि कार्य किए. जमीन से एक फीट उपर तक धान की फसल ठीक थी उसके बाद फसल पीला होकर सुख कर मर गया. इस समय धान की फसल जिस स्थिति में उससे लगता है कि कुछ भी कर देने से धान की फसल नहीं हो पाएगी।
किसानों का कहना है कि फसल में सुधार के लिए खाद, पानी और जरूरी कृषि कार्य किए,लेकिन इसके बावजूद भी फसल में सुधार नहीं हुआ इससे उन्हें बड़ी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
किसान बताते है की धान की पैदावार होने से सपरिवार को साल भर खाने के लिए हो जाता था और खेत में जो लागत होती थी उसे धान बेचकर निकाल लेते थे. किसान कह रहे हैं कि इस बार क्या खाएँगे. बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा कहकर उनका गला भारी हो जाता है. उनकी यही चिंता सताए जा रही है।
शिर्फ इन किसानों की धान पीला होकर जला नहीं है ऐसे इलाके में दर्जन भर से अधिक किसान हैं जो कामता लैंम्पस से धान बीज लेकर खेतों में लगाए थे और उन सभी की धान पीला होकर सुख गया है. किसानों का कहना है कि जो भी कामता लैंम्पस से धान बीज खरीदा उन सभी किसानों का धान फसल बर्रबाद हो गया वहीं जो किसान दुसरे जगह से धान बीज लाकर लगाए उनकी धान हमारे खेत के बगल मे लह लहा रही है।
किसान नेता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि शिर्फ कामता लैंम्पस से खरीदकर खेतों में लगाया गया धान बीज कि फसल ही पीला होकर सुख गया है
उनका दावा है कि आसपास दूसरी किस्म के धान की फसल सामान्य है ऐसे में उन्हें आशंका है कि समस्या धान बीज की गुणवत्ता पर ही है। आज भी किसान अपने खेतों में लगाए गए धान बीज को एक दो किलो सुरक्षित रखे हुए हैं।
किसान नेता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने किसानों के पीला होकर सुखकर बर्बाद हुए फसल का सर्वे कराने, बीज की गुणवत्ता की जांच कराने और नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग उपायुक्त महोदय से की है।
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