15 दिन बाद एक नंबरी लॉटरी का खेल हुआ शुरू पुलिस प्रशासन के कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा?
बेतिया, बिहार।
एक नंबरया लॉटरी टिकट का खेल मीनाबाजार, लालबाजार सहित बेतिया के कोने कोने में कारोबार फिर शुरू होने पर कई स्थानीय लोगों,सामाजिक मानवअधिकार कार्यकर्ता के सामने बहुत बड़ी चुनौती के साथ सवाल खड़े हो रहे हैं,स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है? कि कैसे इनकी देखरेख में,यह कारोबार शुरू हो गया।पूर्व में कुछ दिन पहले भी पुलिस प्रशासन के द्वारा 8 धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया था,मगर इसको कैसे मैनेज किया गया, किसने इसको मैनेज किया।
कैसे किया,कौन मैनेज हुआ?इन सवालों का जवाबअब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पायेगा।नागरिक मंच कीओर से चंपारण रेंज के DIG,जिला पुलिस कप्तान सेअपील की गई है कि एकनंबरिया लॉटरी के इसअवैध धंधे
पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए,ताकिआम जनता, गरीब मजदूर के परिवारों कोभुखमरी,तंगहाली,बेबसी,आपसी पारिवारिक कलह,लड़ाई झगड़,केस मुकदमा केअलावाआर्थिक नुकसान से बचाया जासके इस संबंध में,स्थानीय मानवाधिकार -सह- सामाजिक कार्यकर्ता, सुरैया शहाब ने जनहित में
इस एकनंबरिया लॉटरी
के धंधा करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने काआग्रह किया है,साथ ही पुलिस प्रशासन से मांग भी की है कि ऐसेधंधा करने वाले धंधेबाज पर पैनी नजर रखी जाए,जहां-जहां,जिस स्थान पर,जिस गलीकुचा में इनका धंधा चलता है,
वहाँ प्रतिदिन मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल की लगातार ड्यूटी दी जाए ताकि इस धंधा पर पाबंदी लग सके।स्थानीयआम नागरिकों,सामाजिक कार्यकर्त,मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से इसको बंद करने की मांग की है। इस धंधे को बंद करने की कार्रवाई में,बेतिया की जनताआभारी रहेगी।
इस धंधे को जारी रहने से समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है,नई युवा पीढ़ी इससे ग्रसित हो रही है,युवाओं मेंअनेकों प्रकार के बुरी लत पड़ रही है।
इसके साथ ही गरीब, मजदूर,रिक्शावाला,तांगा वाला,टेंपो वाला,दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले मजदूर भी प्रभावित हो रहे हैं।इसकेअलावा चाय पान नाश्ता दुकानदार छोटे दुकानदार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
सुरैया शहाब,मानवाधिकार - सह-सामाजिक कार्यकर्ता ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के उच्च पदाधिकारी से मांग की है किआज से 15 दिन पहले भी इस तरह की घटना पर 8 एकनंबरया लॉटरी का धंधा करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था,मगर पता नहीं कैसे इसको मैनेज करके 8 एकनंबरया लॉटरी का धंधा करने वाले को छोड़ दिया गया,यह जांच का विषय है।स्थानी लोगों,दुकानदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने संवाददाता को बताया कि इस एकनंबरया लॉटरी के धंधा में किसी न किसी रूप से पुलिस प्रशासन का हस्तक्षेप है,कभी-कभी इनकी संलिप्तता भी उजागर होती रहती है,
पुलिस का गश्ती दल,112 डायल टीम,पुलिस भी इनको देखकर मूकदर्शक बनी रहती है,इनकेआंखों के सामने यह धंधा होता है,
धंधा कहां-कहां किस स्थान पर होता है,यह भी इन लोगों की जानकारी रहती है,मगर कुछ कर नहीं पाते हैं,यही वजह है कि सभी स्थानीय लोग इस बात के कहने पर आतुर हैं कि इसके धंधेबाजों को पुलिस से कोई डरभय नहीं लगता है,ऐसा प्रतीत होता है कि शायद यह धंधेबाज पुलिस वालों के लिए कामधेनु गाय हैं।
पुलिस प्रशासन से यह मांग करती हूं किअभिलंबी ही इस एकनंबरयालॉटरी का धंधा करने वालों,शराब माफियाओं,भू माफियाओं, गांजा,चरस की तस्करी करने वालों,नशाखोरी करने वाले युवकों,मादक पदार्थ सेवन करने वाले लोगों, साइबर फ्रॉड करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए, ताकि बढ़ते हुए क्राइम पर नियंत्रण किया जा सके।
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