यूपीआई पर एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का ऐलान।
कानपुर नगर उत्तर प्रदेश।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की कोपरगंज स्थित कार्यालय में कानपुर जिला एवं प्रदेश पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक में यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क का विरोध करने का निर्णय लिया गया। संगठन ने 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने और इस दिन यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करने का ऐलान किया।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र और जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे के नेतृत्व में व्यापारियों एवं पदाधिकारियों ने कार्यालय के बाहर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने “यूपीआई पर एमडीआर शुल्क मंजूर नहीं” के नारे लगाए।प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था से व्यापारियों में चिंता है। उन्होंने कहा कि शुल्क के साथ जीएसटी लगने से कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत का बोझ पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की।जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क का असर व्यापारिक लागत पर पड़ सकता है और इसका अप्रत्यक्ष बोझ ग्राहकों पर भी पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, प्रदेश युवा संगठन महामंत्री विनायक पोद्दार, जिला संयुक्त महामंत्री संजय मिश्र, युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा एवं मयंक दीप सिंह ने कहा कि एमडीआर शुल्क का असर छोटे दुकानदारों और रिटेल कारोबारियों पर विशेष रूप से पड़ सकता है।प्रदर्शन में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद, रतन सिंह राजू,अतरुद्दीन,जिला उपाध्यक्ष कुंदन शर्मा, महेश गंगवानी,भूपिंदर सिंह राजा, मनीष वंशदानी, दक्षिण युवा अध्यक्ष अनुज त्रिपाठी, जिला मंत्री सुरेंद्र जायसवाल,सत्यनारायण खन्ना, अवतार शर्मा, सैफ सोनकर सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
Comments
Post a Comment