अकीदत, मोहब्बत और गंगा-जमुनी तहज़ीब के रंग में सजा 66वां सालाना उर्स-ए-पाक।

सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
 हज़रत बाबा कंकड़ शाह शहीद रहमतुल्लाह अलैह का 66वां सालाना उर्स-ए-पाक 7 एवं 8 सितंबर को अकीदत व एहतराम के साथ संपन्न हुआ। उर्स में बड़ी संख्या में जायरीनों और हर धर्म के लोगों ने शिरकत कर देश में अमन-चैन, कौमी एकता, आपसी भाईचारे और देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी। आस्ताना-ए-आलिया पर चादरपोशी, कुल शरीफ, सलातो-सलाम, दुआख्वानी और तबर्रुक लंगर का आयोजन हुआ।
सदर मोहम्मद शकील की सरपरस्ती में कमेटी के सदस्यों व पदाधिकारियों ने व्यवस्थाओं को संभाला। सरकारी चादर कमेटी के सदस्य मोहम्मद आशिफ की जानिब से मोहद्दीपुर चौराहे से होते हुए आस्ताना-ए-आलिया तक लाई गई और चादरपोशी की गई।
इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने कहा कि बुजुर्गाने-दीन की दरगाहें हमेशा मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देती हैं। हज़रत बाबा कंकड़ शाह का उर्स गंगा-जमुनी तहज़ीब और कौमी एकता की खूबसूरत मिसाल है। उन्होंने देश में अमन, सलामती और खुशहाली की दुआ की।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आफताब अहमद ने कहा कि हज़रत बाबा कंकड़ शाह जैसे बुजुर्गों ने इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। उर्स में सभी धर्मों के लोगों की भागीदारी देश की साझा संस्कृति को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि हमें नफरत से दूर रहकर मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश आगे बढ़ाना चाहिए।
नमाज़-ए-ईशा के बाद ईद मिलादुन्नबी की महफिल आयोजित हुई। कारी रईसुद्दीन साहब, किबला महदावाल, संतकबीरनगर ने कुरआन-ए-मुकद्दस की तिलावत से महफिल का आगाज़ किया। हज़रत मौलाना शमशुद्दीन साहब, खतीब व इमाम हज़रत मस्जिद, धर्मशाला बाजार, गोरखपुर तथा हज़रत मौलाना मोहम्मद महबूब आलम, खतीब महाराजगंज ने मौलाना सज्जाद अहमद नूरी, खलीलाबाद संतकबीरनगर समेत अन्य उलमा के साथ तकरीरें बयान कीं।
उर्स के मौके पर सदरात मस्जिद बेलाल के इमाम मोहम्मद इम्तियाज अहमद ने इमामत की। चादर, गागर, मलीदा, इत्र और गुलाब के साथ कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
इस अवसर पर नूरे आलम, शकील शाही, शेर-ए-आलम, मोहम्मद ताहिर बेलाली, मोहम्मद इरफान अख्तर, शेराज अली, हाजी मोहम्मद सलीम खान, सैय्यद नजमुद्दीन साहब, हाफिज अब्दुल्लाह साहब, कैशियर इकरार अहमद, आफताब अहमद, मोहम्मद अकील, मोहम्मद फिरोज, इमरान, सद्दाम, महताब आलम, मोहम्मद शहनवाज, मोहम्मद सेराज, सुल्तान अली, हरिश्चन्द्र, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद अदनान, फैज अहमद, खाली खाली सोनू, आशिक अली उर्फ जास्सी, मेराज उर्फ सोनू, मोहम्मद जाफर मंसूरी, मोहम्मद सलीम अनवर, हाफिज शाहिद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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