68 वर्षीय अधिवक्ता को पुलिस ने पकड़ा,पुलिस कार्रवाई का हुआ विरोध।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय व्यवहार न्यायालय में 68 वर्षीयअधिवक्ता, साधुशरण उपाध्याय को मझौलिया थाना क्षेत्र के धनकुटवा गांव में,पुलिस ने एक मामले में गिरफ्ता कर न्यायालय पहुंची,गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पूरे न्यायालय परिसर में अधिवक्ता जुटकर पुलिस कार्रवाई के विरोध करने लगे,भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।घटना के बारे में संवाददाता को पता चल रहा है कि अधिवक्ता अपने जमीन पर काम करा रहे थे,जमीन को लेकर पहले से न्यायालय में टाइटल सूट चल रहा था, उनकाआरोप है के पुलिस अचानक स्थल पर पहुंचकर काम को बंद करवा दिया,पुलिसकर्मियों में उनके साथ दुर्व्यवहार किया,जबरदस्ती पुलिस गाड़ी में बैठाकर थाना ले गई,वहां से न्यायालय ले आई।न्यायालय परिसर पहुंचते हीअधिकवक्ताओं ने एकजुट होकर पुलिस का विरोध किया।विरोध होने पर पुलिस ने अधिवक्ता को लेकर जज के घर पहुंची।जज के निवास पर भीअधिवक्ता एकजुट होकर पुलिस का विरोध करने लगे।मामले की सुनवाई पूरी करते हुए जज ने ₹5000 जुर्माना लगाकरअधिवक्ता को छोड़ दिया,इस घटना से अधिवक्ताऔर पुलिस के बीच काफी तनातनी हो गई 
पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता और पुलिस आमने-सामने हो गई। 
अब देखिएआगे क्या होता है,यह न्यायालय और पुलिस प्रशासन के बीच का 
मामला सामने खड़ा है।

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