76 वर्षीय मोदी,56 इंच सीना वाले प्रधानमंत्री का आशीर्वाद का दिया जलाकर जन्मदिन मनाया।
बेतिया, बिहार।
76 वर्षीय मोदी,56 इंच का सीन रखने वाले प्रधानमंत्री का जन्मदिन बड़े जोश के साथ साथ "आशीर्वाद का दिया बत्ती जलाकर" मनाया गया,पूरे देशवासी करोड़ों करोड़ों खर्च करकेअपने 76 वर्षीय प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाया,इसकेअलावा सरकारी स्तर पर भी खरबो खराब रुपया खर्च करके मनाये जाने की खबर मिल रही है।यह जन्मदिन एक दिन नहीं,दो दिन नहीं, बल्कि एक महीना मनाया जाएगा,जिसपर करोड़ों करोड़ खर्च करने का बजट है।यह अजब विडंबना है कि इसके पहले कभी किसी प्रधानमंत्री का इस तरह जन्मदिन नहीं मनाया गया था,देशवासियों का पैसाअपने जन्मदिन के कार्यक्रम पर लुटाया जा रहा है,वाह रे प्रधानमंत्री।
सरकारी योजनाओं से जिन्हें भी लाभ मिला उन्हें "आशीर्वाद का दीये जलाने" को कहा गया है।100 करोड़ का तेल,बाती जलने पर प्रधानमंत्री का कहते है कि हम देश भक्ति हैं,100 करोड़ दियों में तेल जला कर मोदीभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
यह ब्राह्मण,राजपूत के साथ पूंजीपतियों की सरकार है।देशवासियों को कहना है कि प्रधानमंत्री का
इस तरह से जन्मदिन मनाना शोभा नहीं देता है,
देश कीआर्थिक स्थिति पर अलग खर्च का यह बोझ है
मोदी जी की यह पंक्ति, "सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास" अधूरी नजरआ रही है, देशवासियों को प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाना, इसपर भारी सरकारी राशि का खर्च होना उनकी इस पंक्ति पर खरा नहीं उतर रहा है,इसमें देशवासियों के
विकास का रास्ता बंद हो रहा है,ऐसा जन्मदिन मनाने से ज्यादाअच्छा रहता कि प्रधानमंत्री देश की आर्थिक विकास पर ध्यान देते,गरीबों,मजदूरों की सहायता करते,
बेरोजगारों को रोजगार देते,महंगाई पर नियंत्रण करते,युवाओं,मजदूर वर्गों के पलायन पर रोक लगाते,
देश की आर्थिक समस्या को सुधारने हेतुअग्रसर होते तो ज्यादा अच्छा होता
जन्मदिन तोअपने घर के परिवार के सदस्यों के साथ घर में ही मनाया जाता है, ना कि देशवासियों से दिया जलाकर,सरकारी राशि का दुरुपयोग कर,गरीबों, मजदूरों,बेसहारा,विकलांग, वृद्धों का खून चूस कर, जितना पैसाआपके जन्मदिन पर दिया में बती तेल डाल कर खर्च कर किया गया है,उतने पैसे में
लाखों की संख्या में गरीबों का कल्याण हो जाता,साथ ही साथ इस गरीब देश पर करोड़ों करोड़ों रुपया का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता,
यह देश खरबोखरब रुपए के कर्ज में पहले ही से डूबा हुआ है,देश के प्रधानमंत्री करोड़ों करोड़ रूपया का खर्चकरअपना जन्मदिन मना रहे हैं,संवाददाता को जिलावासियों ने बताया कि
यह देश का मान सम्मान परआघात जैसा प्रतीत हो रहा है,इसके बदलेअपने जन्मदिन पर देशवासियों के लिए बहुत सारे कल्याण का काम करते तो ज्यादा बेहतर होता,सभी देशवासी उनको इस जन्मदिन पर बधाई,शुभकामनाएं भेजते,
मगर देश के कुछ राज्यों में कुछ भाजपायों को छोड़ कर किसी ने प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं मनाया,यह भी देश के लिए एक गर्व की बात है।
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