पुश्तैनी मकान और जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 95 लाख ठगने,50 लाख रंगदारी मांगने का मामला।
बेतिया, बिहार।
इन दिनों जमीन,मकान क्रय विक्रय में जबरदस्त घोटाला,रंगदारी का मामला सामने आ रहा है, भेजने वाला खरीदने वाले से राशि की उगाई कर ले रहा है, मगर जमीन रजिस्ट्री नहीं कर रहा है,इसकेअलावा जमीन रजिस्ट्री करने में अलग से और पैसा मांगना जा रहा है,साथ ही रंगदारी भी किया जा रहा है। इसी क्रम में संवाददाता को पता चला है कि नगर थाना क्षेत्र के लाल बाजार,राजगुरू चौक निवासी,सुरेंद्र कुमार, उम्र 49 वर्ष से पुश्तैनी मकान और जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 95 लाख तथा रजिस्ट्रीबकरने के एवज में 50 लख रुपए अतिरिक्त रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है।पीड़ित केआवेदन पर नगर थाने में,अनीश रंजन,राजेश रंजन वर्मा, अतुल कुमार,कमल सहाय, कवि रंजन शर्मा समेत अन्य पाटीदारों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। पीड़ित सुरेंद्र कुमार ने संवाददाता को बताया कि सागर पोखरा निवासी अनीश रंजन पूर्व से उनके परिचित थे अनीश रंजन ने अपने परिवारों के साथ मिलकर सागर पोखरा स्थित अपने पुश्तैनी मकान और जमीन को बेचने का प्रस्ताव रखा था आपसी समिति के बाद 55 भर जमीन का सौदा लड़ाई लख रुपए प्रति दूर की दर से तय हुआ जिसके आवाज में ₹500000 नगद एग्री देकर एक नमक किया गया इसके बाद अनीश रंजन के कहने पर विभिन्न बैंकों के खाता के माध्यम से कल 95 लाख का भुगतान किया गया, इतना ही नहीं पीड़ित ने अपने निजी खर्चे से दो मंजिला मकान भी तुड़वा दिया,जिसकी ईंट,लोहा, कीमती लड़कियों को भी आरोपीय ने उठा लिया।
पूरी राशि लेने के बावजूद जब सुरेंद्र कुमार ने रजिस्ट्री का दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगे बाद में जमीन के दाम बढ़ने का हवाला देखकर टायर रकम के अलावा 50 लाख रुपया अतिरिक्त रंगदारी मांगी जाने लगी और मांग पूरी नहीं होने पर जमीन किसीअन्य को भेजने तथा रकम हड़पने की धमकी दी गई।पीड़ित ने उपमहानिरीक्षक,नगर थानाअध्यक्ष से पूरे मामले के निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने के साथ न्याय की गुहार लगाई है। क्षेत्र में अधिकतर अपराधी घटनाओं के मुख्य वजह जमीनी विवाद ही बनकर उभर रही है भू माफियाओं का मनोबल इस कदर बढ़ चुका है कि वह असली जमीन मालिकों को दरार धमक का जमीन उनके जमीन पर अवैध कब्जा जमा लेते हैं,या फिर फर्जीवाडा कर एक ही जमीन को कई लोगों से बचने का काम करते हैं,इसके फलस्वरूप करोड़ों करोड़ों रुपए का घोटाला करते हैं,पुलिस को परेशान करते हैं, जिससे पुलिस के सामने कानून व्यवस्था का मामला खड़ा हो जाता है।
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