पशुहारी गाँव में तीन मौतों का राज, मेडिकल जाँच में हुआ खुलासा।
धनंजय कुमार शर्मा
बेल्थरारोड, बलिया, उत्तर प्रदेश।
स्थानीय तहसील अंतर्गत पशुहारी गाँव में रहने वाले शिवचंद राजभर के घर में 29 अगस्त को अचानक मातम छा गया। सिर्फ चार दिनों के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पशुहारी गाँव सहित पूरे स्वास्थ्य महकमे को हिला कर रख दिया। 29 अगस्त को पत्नी आशा देवी, फिर एक सितंबर को 80 साल की मां जोन्हिया देवी और उसी दिन 24 साल की बेटी प्रीति ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में तीन मौतों से पूरा गाँव दहशत में आ गया।
इसके बाद परिवार के पिता और बेटे को भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन मौतों की असल वजह क्या थी? यह राज अब एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों की टीम ने सुलझा लिया है। मेडिकल जांच में खुलता हुआ कि मौतों की असली वजह "ड्रॉप्सी" नाम की घातक बीमारी थी। यह बीमारी सरसों के तेल में मिलावट के तौर पर इस्तेमाल होने वाले सत्यानाशी (जिसे गाँव देहात में भड़भाड़ के नाम से जाना जाता है) के बीजों के जहरीले तेल से हुई थी। एम्स गोरखपुर की टीम ने न्यूरोलॉजी और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों की मदद से बीमारी के लक्षणों को पहचाना और समय रहते पिता बेटे को सही इलाज देकर उसकी जान बचा ली। डॉक्टरों का कहना है कि खाद्य पदार्थ में ऐसी मिलावट के प्रति जन जागरूकता ही भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोक सकती है।
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