महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ पीस पार्टी ने जिलाधिकारी सौंपा ज्ञापन।

सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, आम जनता को राहत देने की मांग। 
सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
 देश में लगातार बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी के विरोध में पीस पार्टी के जिला अध्यक्ष अताउल्लाह शाही के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी गोरखपुर के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, जमाखोरी, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, चिकित्सा एवं शिक्षा की महंगाई तथा मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट सेवाओं की बढ़ती लागत पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद निषाद ने कहा कि देश का आम नागरिक आज महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार झेल रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं से लेकर शिक्षा, चिकित्सा, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और संचार सेवाओं तक का खर्च बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर युवाओं के सामने रोजगार का संकट गंभीर होता जा रहा है। गरीब, किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़ों और घोषणाओं से आगे बढ़कर आम जनता को वास्तविक राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

जिला अध्यक्ष गोरखपुर अताउल्लाह शाही ने कहा कि महंगाई आज देश की सबसे गंभीर जनसमस्याओं में शामिल है। लगातार बढ़ते घरेलू खर्च ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। गरीब परिवारों के लिए भोजन, बच्चों की शिक्षा और इलाज का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों का सीधा असर परिवहन से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। इसलिए ईंधन की कीमतों को कम करने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए।

जिला महासचिव सगीर अहमद ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों और वाहनों पर पड़ने वाले कथित प्रभावों की विशेषज्ञ स्तर पर जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि इससे वाहनों को नुकसान होने की शिकायतें सामने आ रही हैं तो सरकार को इसका संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

पूर्व महानगर अध्यक्ष मकसूद अहमद ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियमित निगरानी हो तथा जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा आम आदमी की पहुंच से बाहर नहीं होनी चाहिए तथा निजी मेडिकल कॉलेजों में लगातार बढ़ रही फीस पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। 

वरिष्ठ नेता मकबूल अहमद ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर सीमित आमदनी वाले परिवारों पर पड़ रहा है। महीने की आय का बड़ा हिस्सा भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, यातायात और अन्य आवश्यक खर्चों में समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए और जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।

युवा नेता फैज अहमद ने कहा कि बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। सरकार को सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ छोटे कारोबार, स्वरोजगार और कौशल विकास को भी बढ़ावा देना चाहिए। मकसूद अहमद ने मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट सेवाओं की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि आज इंटरनेट शिक्षा, रोजगार, व्यापार और सरकारी सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसकी बढ़ती लागत पर भी नियंत्रण जरूरी है।

अब्दुल अहद अंसारी ने कहा कि देश की तरक्की का वास्तविक पैमाना यह होना चाहिए कि आम नागरिक कितनी आसानी और सम्मान के साथ अपना जीवन जी रहा है। यदि युवा रोजगार के लिए भटक रहा हो, किसान अपनी लागत को लेकर परेशान हो, मजदूर और छोटा दुकानदार बढ़ते खर्च से दबाव में हो तथा मध्यम वर्गीय परिवार महंगाई से जूझ रहा हो, तो इन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

गुड्डू कश्यप ने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। उत्पादन, वितरण और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने के साथ जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। शिक्षा और चिकित्सा के बढ़ते खर्च पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और इलाज के खर्च के कारण किसी परिवार को कर्ज के बोझ तले नहीं दबना चाहिए।

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें

ज्ञापन में महंगाई एवं भ्रष्टाचार से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन कराने, जमाखोरों एवं कालाबाजारी करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने, युवाओं के लिए रोजगार के उचित अवसर उपलब्ध कराने तथा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस के दाम कम करने की मांग की गई। इसके अलावा आवश्यक चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती लागत पर प्रभावी नियंत्रण, निजी मेडिकल कॉलेजों में लगातार बढ़ रही फीस को नियंत्रित करने, चिकित्सा एवं शिक्षा को आम तथा मध्यम वर्ग के छात्रों की पहुंच में रखने, मोबाइल रिचार्ज एवं इंटरनेट सेवाओं की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने तथा महंगाई से प्रभावित गरीब किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
पीस पार्टी नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी और गरीब, किसान, मजदूर, बेरोजगार युवा, छोटे व्यापारी तथा मध्यम वर्ग के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अरविंद निषाद, जिला अध्यक्ष अताउल्लाह शाही, महानगर अध्यक्ष मकसूद अहमद, सगीर अहमद, मकबूल अहमद, सुल्तान खान, माजिद खान, फैज अहमद, अब्दुल अहद अंसारी, इसराइल अंसारी, अकबर अली, मुन्ना, गुड्डू कश्यप, मनीष निषाद, अब्दुल रागिब, साहनी, राकी कुमार निषाद, अब्दुल राजिक, सनी कुमार निषाद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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