अमानुल्लाह सादिक़ तैमी (अमान सर) की विदाई समारोह।

मो सालिम आजाद 
मधुबनी, बिहार।
 बाजपट्टी की एक ज़रख़ेज़ और इल्मी घराने से ताल्लुक़ रखने वाले शिक्षक अमानुल्लाह सादिक़ तैमी (अमान सर) के +2 सर्वो जनिक हाई स्कूल, सुप्पी से नए स्कूल में स्थानांतरण के अवसर पर एक यादगार विदाई समारोह आयोजित किया गया।
यह उल्लेखनीय है कि अमान सर उत्तर बिहार की प्रसिद्ध शिक्षण संस्था जामिया इमाम इब्न तैमिया के फ़ारिग़-ए-तहसील हैं। इसके अलावा उन्होंने उच्च शिक्षा जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जैसी प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों से प्राप्त की है। वे 19 फ़रवरी 2024 से हाई स्कूल, सुप्पी में अध्यापन के दायित्व निभा रहे थे।
बिहार सरकार की ओर से जब शिक्षकों को यह अनुमति दी गई कि वे अपनी सुविधा के अनुसार स्कूल का चयन कर सकते हैं, तो घर से सुप्पी हाई स्कूल की दूरी अधिक होने और आने-जाने में होने वाली कठिनाई को देखते हुए अमान सर ने हाई स्कूल बेला शांति कुटीर का चयन किया।
28 सितंबर 2026 को हाई स्कूल, सुप्पी में अमान सर का अंतिम दिन था। इसी अवसर पर स्कूल के कैंपस में एक यादगार विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें स्कूल के शिक्षक, शिक्षिकाएँ तथा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाध्यापक श्री मनोज कुमार चौधरी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि आज हम स्कूल से ऐसे शिक्षक को विदा कर रहे हैं, जिनके जाने से स्कूल को बहुत बड़ी क्षति होगी और एक ऐसी कमी पैदा होगी जिसकी भरपाई शायद आसान नहीं होगी।
विज्ञान के शिक्षक श्री जमशेद इमाम ने कहा कि अमान सर केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्कूल की सभी गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे। उनकी कमी हमें हर मोड़ पर महसूस होगी।
चंद भूषण जी ने अपनी बात की शुरुआत इन शब्दों से की कि अमान सर की याद हमेशा आती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब से अमान सर स्कूल आए, तब से वे हमेशा स्कूल और उसके छात्र-छात्राओं की भलाई के लिए चिंतित और प्रयासरत रहे।
जब रिपु सुदन सर को अपने विचार व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने कहा कि अमान सर एक अच्छे शिक्षक होने के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी थे।
कौशल किशोर सर ने कहा कि यद्यपि अमान सर उर्दू के शिक्षक हैं, लेकिन अन्य विषयों से भी उनका गहरा लगाव है। वे अपनी ज़िम्मेदारियों को बख़ूबी निभाने की क्षमता रखते हैं। स्कूल के काम को अपना काम समझकर करना उनका एक प्रमुख गुण है।
सीमा मैडम, अगिता मैडम और रेखा मैडम ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अमान सर की कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।
जब मुनिल सर और काशी सर को अपने विचार व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने बेहद प्रेमपूर्ण अंदाज़ में अपने भाव व्यक्त किए। उनका कहना था कि आज ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हम अपने भाई को अपने से अलग कर रहे हैं, जिनसे शायद जीवन में दोबारा इस तरह मुलाक़ात न हो सके।
देवेंद्र सर, प्रभु कुमार यादव सर, हिमांशु सर, बड़े बाबू पवन कुमार जी और राज कुमार जी ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए और अमान सर के गुणों को श्रद्धापूर्वक याद किया।
समारोह में मौजूद सभी लोग भावुक थे। छात्र-छात्राओं के चेहरों पर सर की जुदाई का असर साफ़ दिखाई दे रहा था। यह महसूस हो रहा था कि छात्र-छात्राएँ अपने सर से कितनी मोहब्बत करते हैं और उनसे कितने प्रभावित हैं। समारोह के पूरे वातावरण से यह अंदाज़ा लगाना बहुत आसान था कि अमान सर अपने काम और ज़िम्मेदारियों को लेकर कितने ईमानदार रहे हैं। यही वजह थी कि हर चेहरा उदास और ग़मगीन नज़र आ रहा था।
अंत में अमान सर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा
19 फ़रवरी 2024 को मैंने इस स्कूल को जॉइन किया था। उस समय से लेकर आज तक आप लोगों ने मुझे जो प्यार और मोहब्बत दी, उसका हक़ मेरे ये चंद जुमले अदा नहीं कर सकते। इस स्कूल का माहौल और आप सभी का सुंदर व्यवहार मेरे दिल को जीत गया है। आप सभी लोगों का दिल की गहराइयों से शुक्रिया।
इस तरह यह विदाई समारोह प्रेम, ख़ुलूस और आपसी संबंधों की खूबसूरत यादें अपने दामन में समेटे हुए संपन्न हुआ। सभी ने नेक ख़्वाहिशों और नम आँखों के साथ अमान सर को स्कूल से विदा किया।
अमान सर अपनी शिक्षण क्षमता, मेहनत, ख़ुलूस और ईमानदारी के कारण सभी के दिलों में बसते हैं। हर ज़ुबान यही कह रही थी
जहाँ रहेगा, वहीं रोशनी लुटाएगा,
किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता।

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