शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी की पुस्तक ‘मार्गदर्शक’ का हुआ सफल प्रकाशन।

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। 
शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर युवा कवयित्री, लेखिका एवं सम्पादिका डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी की बहुप्रतीक्षित पुस्तक *‘मार्गदर्शक — अज्ञानता के अंधेरों से सफलता की रोशनी तक’* पुस्तक का 'वैदिक प्रकाशन' द्वारा 'हरिद्वार उत्तराखंड' से सफल प्रकाशन हुआ। पुस्तक का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान, संस्कार और सफलता की ओर अग्रसर करना है।
पुस्तक में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, परिश्रम, आत्मविश्वास तथा जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक सकारात्मक सोच जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए उपयोगी मार्गदर्शक के रूप में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी ने पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। मेरी कोशिश है कि ‘मार्गदर्शक’ विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा पैदा करे।”
साथ ही साथ उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन वैदिक प्रकाशन एवं उसकी प्रकाशक प्रशस्ति सचदेव का ह्रदय से आभार व्यक्त किया।
यह पुस्तक आज शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर मेरे शिक्षक जनाब *'कारी अब्दुल वली साहब'* जो कि अब इस दुनिआ में नहीं हैं उनके पवित्र चरणों में सबसे विनम्र *गुरु-दक्षिणा* एवं *भावभीनी श्रद्धांजलि* है। 
शिक्षक दिवस के अवसर पर पुस्तक के प्रकाशन को साहित्य एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने सराहनीय पहल बताते हुए लेखिका डॉ. हिना कौसर को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पुस्तक का आवरण भी शिक्षा, शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच ज्ञान के प्रकाश को खूबसूरती से दर्शाता है।
पुस्तक: मार्गदर्शक
उपशीर्षक: अज्ञानता के अंधेरों से सफलता की रोशनी तक
लेखिका: डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी

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