फाइनेंसरों को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, कर्जदारों को मिली राहत।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
सरकारी या निजी बैंकों से
कल से लेकर,बाइक गाड़ी, जमीन,मकान,दुकान, शोरूम खोलना,फैक्ट्री बैठना,कल कारखाना खोलना,मोटरगैरेज,वेल्डिंग जूता चप्पल,कपड़ा, मिसलेनियस स्टोर,जनरल स्टोर इत्यादिअनेक प्रकार के व्यापार करने के लिए बैंक से कर्ज लेकर अपनी रोटी चलाने,परिवार का पालन पोषण करने के लिए  इसका उपयोग करना बहुत आसान बात बन गई है।
 इसी क्रम में,बैंक से कर्ज लेने वालों कोआसानी देने के लिए,उनकी समस्याओं को समाधान करने के लिए
सुप्रीम कोर्ट के एक ताज़ा फैसले में साफ किया गया है कि फाइनेंसर/बैंक बकाया वसूली के लिए वाहन को बलपूर्वक,रात में या बिना उचित नोटिस, कानूनी प्रक्रिया केअपनी मर्जी से नहीं उठा सकते।
अदालत ने ऐसे मामले में वाहन मालिक को ₹10 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया,साथ ही वाहन की बिक्री से मिली ₹4.50 लाख राशि 6% वार्षिक ब्याज सहित लौटाने और दोनों लोन खाते बंद करने का निर्देश दिया।

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