बेल्थरारोड तहसील परिसर में राज्य स्तरीय माँक ड्रिल का आयोजन।
बेल्थरारोड, बलिया। उत्तर प्रदेश
जनपद के बेल्थरारोड में शुक्रवार को तहसील परिसर में राज्य स्तरीय माँक ड्रिल का आयोजन किया गया। आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य की तैयारियों को परखने के लिए हुए इस अभ्यास में अग्निकांड की स्थिति का प्रदर्शन किया गया। जिसमें लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और राहत दल के साथ समन्वय कर बचाव कार्य करने की प्रक्रिया दिखाई गई।
माँक ड्रिल के दौरान आपदा की सूचना मिलने के बाद अलग-अलग विभागों की टीम किस तरह मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करेगी, इसका अभ्यास कराया गया। आपदा मित्रों और होमगार्ड जवानों ने बचाव दल की भूमिका निभाते हुए घायलों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक चिकित्सा दिलाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।द
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की माँक ड्रिल का उद्देश्य केवल खाना पूर्ति करना नहीं है। वास्तविक आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों, कर्मचारियों और राहत बचाव टीमों की तैयारियों को जांचना और उनके बीच बेहतर तालमेल विकसित करना इसका मुख्य उद्देश्य है। अभ्यास के जरिए टीमों को कम समय में समन्वय के साथ कार्रवाई करने का अनुभव मिलता है।
माँक ड्रिल में अग्निकांड की स्थिति बनाकर बचाव दल की भूमिका दिखाई गई टीम ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, घायलों को बाहर निकालने और उन्हें प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इसके साथ ही आपदा की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय की स्थिति भी परखी गई।
अभ्यास में पंदह, नवानगर, सीयर और नगरा क्षेत्र के आपदा मित्र जवानों ने हिस्सा लिया। होमगार्ड विभाग की ओर से बलिया के बीओ होमगार्ड गोपाल सिंह, रनर तारकेश्वर सिंह और दिग्विजय नाथ दुबे समेत कई जवान मौजूद रहे। आपदा मित्र उदयभान मौर्या समेत अन्य कर्मचारियों ने भी बचाव कर में भाग लिया।
माँक ड्रिल का आयोजन तहसीलदार राजू कुमार और नायब तहसीलदार भोला शंकर के निर्देश पर किया गया। इस दौरान अनिल सिंह दीवान, जितेंद्र प्रताप यादव, कन्हैया, अर्जुन यादव समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने टीमों को आपदा के दौरान तेजी और तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।
माँक ड्रिल के दौरान सीएचसी सीयर के चिकित्सक सतीश कुमार, मुख्य फार्मासिस्ट डीके सिंह समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने और आपदा के बाद चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भाग लिया।
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