बारिश और हवाओं ने गिराई धान की फसल, मुआवजे की मांग।
फुरकान कुरैशी
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
लगातार बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को हुए नुकसान के बाद भारतीय किसान यूनियन ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। संगठन के लखनऊ जिला अध्यक्ष आलोक वर्मा ने जिलाधिकारी से हर किसान के खेत का अलग-अलग सर्वे कराकर फसल को हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा देने की मांग की है। संगठन का अनुमान है कि बारिश और तेज हवाओं से किसानों की करीब 70 फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है। आलोक वर्मा ने कहा कि मुआवजा तय करते समय पूरे गांव या न्याय पंचायत में हुए औसत नुकसान को आधार न बनाया जाए। हर किसान के खेत में जाकर देखा जाए कि उसकी कितनी फसल खराब हुई है। एक ही गांव में किसी किसान की कम तो किसी की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। इसलिए नुकसान के हिसाब से ही किसान को राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने और पानी भरने से किसानों की कई महीनों की मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। गिरी हुई फसल के दाने खराब होने, फसल सड़ने और अंकुरित होने का खतरा है। इससे पैदावार कम हो सकती है। वहीं, गिरी फसल को काटने में अधिक मजदूरी लगेगी और अगली फसल की तैयारी का खर्च भी बढ़ेगा। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि प्रभावित गांवों में राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी मिलकर फसल के नुकसान का सर्वे करें। हर प्रभावित खेत की स्थिति दर्ज की जाए और उसी के आधार पर मुआवजा तय हो। जिन किसानों की पूरी या बहुत ज्यादा फसल खराब हुई है, उन्हें नियमों के तहत अधिकतम राहत दी जाए। संगठन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वाले किसानों को बीमा की रकम समय पर दिलाने की भी मांग की है। साथ ही राहत की रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की बात कही है, ताकि उन्हें पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। आलोक वर्मा ने कहा कि जिन किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, उन्हें अगली फसल बोने के लिए आर्थिक मदद दी जाए। पात्र किसानों को कृषि ऋण चुकाने में नियम के मुताबिक राहत मिले। खराब फसल हटाने और खेत को अगली बुवाई के लिए तैयार करने में भी किसानों की मदद की जाए। संगठन ने किसानों से खराब फसल की फोटो और वीडियो सुरक्षित रखने और इसकी जानकारी संबंधित लेखपाल या कृषि विभाग के अधिकारी को देने की अपील की है। जिला अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से जल्द सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को समय पर राहत दिलाने की मांग की है।
Comments
Post a Comment