बांग्लादेश के लुत्फुल हैदर शोपोन की ‘नदी ओ मानुष’ में संत सौरभ का मानवता संदेश।
विश्व रिकॉर्ड पहल में लगातार 15वें दिन 15वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक का कवर जारी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
भारत/बांग्लादेश। सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ के जीवन-दर्शन, मानवता, सेवा और विश्व सद्भाव के संदेश को अंतरराष्ट्रीय साहित्य के माध्यम से विश्वभर तक पहुंचाने की पहल के तहत बांग्लादेश से 15वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक का कवर जारी किया गया। लेखक एम.डी. लुत्फुल हैदर शोपोन की पुस्तक ‘नदी ओ मानुष : संत सौरभ एंड द रिवर ऑफ ह्यूमैनिटी’ में नदी और मानवता के संबंध को केंद्र में रखते हुए संत सौरभ के विचारों को प्रस्तुत किया गया है।
यह अभियान में लगातार 15वें दिन जारी होने वाली 15वीं अंतरराष्ट्रीय कृति है। लेखक एम.डी. लुत्फुल हैदर शोपोन द वर्ल्ड पीपुल्स फोरम के संस्थापक एवं अध्यक्ष हैं। पुस्तक में बांग्लादेश की नदी सभ्यता को जीवन, संस्कृति और मानवीय जुड़ाव का प्रतीक बताते हुए करुणा, शांति, सेवा, सह-अस्तित्व और सार्वभौमिक सद्भाव पर जोर दिया गया है।
पुस्तक में संत सौरभ की पत्नी रागिनी पाण्डेय, बेटी श्वेतिमा माधव प्रिया, पांच वर्षीय पुत्र बाल भक्त सौराष्ट्र और पिता कृषक श्री सोमनाथ पाण्डेय का भी उल्लेख है। आयोजकों के अनुसार, श्वेतिमा माधव प्रिया ने विश्व में सबसे कम आयु में सर्वाधिक श्रीमद्भागवत कथा वाचन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
कवर पर बांग्लादेश की नदी, नाव और प्राकृतिक परिवेश को स्थान दिया गया है। ‘एक मानवता, एक परिवार’ पुस्तक की मूल भावना है। आयोजकों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य संत सौरभ एवं धरा धाम इंटरनेशनल के मानवतावादी विचारों को साहित्य के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।
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