चार दिन के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत,गांव में मचा हड़कंप।

धनंजय कुमार शर्मा 
बेल्थरारोड,बलिया, उत्तर प्रदेश। 
जनपद के पशुहारी गांव की राजभर बस्ती में चार दिन के भीतर एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत से जहां गांव में दहशत का माहौल फैल गया है।वहीं पीड़ित परिवार के ऊपर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 
    प्राप्त जानकारी के अनुसार आशा देवी पत्नी शिवचंद (उम्र 45 वर्ष)पिछले एक माह से पाइल्स और खून की कमी का इलाज करा रही थी। शनिवार को  आशा देवी की मौत हो गई। उसके बाद मंगलवार को मां सोनिया (76वर्ष )का निधन हो गया, उसी दिन देर शाम वाराणसी के ड्रामा सेंटर में बेटी प्रीति( 23 वर्ष) ने भी दम तोड़ दिया। तीन मौतों से परिवार गहरे सदमे में है। 
बताते चलें कि आशा देवी की मौत से के बाद सदमें से परिवार उबर भी नहीं पाया कि मंगलवार को शिवचंद की मां जोनिहा की तबियत अचानक खराब हो गई। कुछ देर बाद उनका भी निधन हो गया। परिवार के लोग उनका अंतिम संस्कार करने चले गए। 
मां का अंतिम संस्कार कर परिवार के लोग घर लौटे ही थे कि वाराणसी के ड्रामा सेंटर से बेटी के प्रीति की मौत की खबर आ गई। प्रीति की हालत पहले से गंभीर थी। परिजनों के अनुसार प्रीति को सर्दी जुकाम और कमर दर्द के साथ खून की कमी थी। प्लेटनेश भी काफी कम हो गया था। हालत बिगड़ने पर परिजन वाराणसी ट्रामा सेंटर ले गए थे। इलाज के दौरान परिजनों ने कई यूनिट खून सभी उपलब्ध कराया। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। एक ही परिवार में तीन दिनों के भीतर तीन मौतों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम को पशुहारी गांव भेज कर परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति और मौत के कारणों की जांच के साथ अन्य बीमारियों की भी जांच की गई। अधीक्षक डॉक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में आशा देवी जिनकी पाइल्स की सर्जरी हुई थी और बेटी प्रीति की मौत खून की कमी के कारण होने की बात सामने आई है। वहीं बुजुर्ग जोनिहा की मौत सांस लेने में परेशानी के कारण हुई। उन्होंने बताया कि जांच में परिवार में डेंगू या किसी अन्य बीमारी के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया और क्लोरीन की दवा उपलब्ध कराई गई है।
शिवचंद राजभर अपनी पत्नी, मां बेटे मनन, और बेटी प्रीति के साथ रहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। शिवचंद कर्नाटक में लोहा वेल्डिंग का काम करते थे करीब 1 महीने पहले वह बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। इसी दौरान प्रीति की शादी तय हुई थी। जिससे परिवार में खुशी का माहौल था।
घटना के बाद पशुहारी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार में इतनी कम अवधि में तीन मौतों की घटना ने पूरे गांव में ग़म का माहौल है। 
प्रीति के अंतिम संस्कार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर के अधीक्षक डॉक्टर राकेश सिंह के निर्देश पर डॉक्टर सत्येंद्र कुमार वर्मा और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार, आनंद कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक क्षक विष्णु प्रकाश दुबे, उमेश कुमार, सुमित कुमार, एलटी चंदन कुमार, वार्ड बाय दिनेश कुमार सिंह की टीम ने पशुहारी ग्राम प्रधान प्रभा शंकर राजभर की देखरेख में पशुहारी पहुंचकर पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों की गहन जॉच कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।वहीं अन्य सदस्यों की जांच हेतु सीएचसी सीयर बुलाया गया है।

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम