राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा ने ‘इंसानियत से लीडरशिप तक’ पुस्तक का किया विमोचन।
राष्ट्रीय सलाहकार क़ुरैश कॉन्फ्रेंस, लेखक एवं इस्लामिक स्कॉलर मो. आदिल सेफी की पुस्तक ‘इंसानियत से लीडरशिप तक’ का विमोचन डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा, सदस्य संसदीय बोर्ड, भारतीय जनता पार्टी एवं पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, भारत सरकार, मुख्य अतिथि द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनाब सनोबर अली कुरैशी, एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय अध्यक्ष, क़ुरैश कॉन्फ्रेंस ने की। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महासचिव संगठन जनाब लेक्चरर निजामुद्दीन कुरैशी ने किया।
डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा जी ने पुस्तक के विमोचन पर लेखक को बधाई देते हुए कहा कि “जब तक इंसानियत नहीं होगी, तब तक अच्छी लीडरशिप नहीं हो सकती।”
एडवोकेट सनोबर अली कुरैशी ने कहा कि ‘इंसानियत से लीडरशिप तक’ आज के दौर की जरूरत है। यह केवल एक किताब नहीं, बल्कि एक सोच और एक विचारधारा है। उन्होंने विशेष रूप से नई पीढ़ी और युवाओं से पुस्तक पढ़ने की अपील की।
लेखक मो. आदिल सेफी ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत व्यक्ति से होती है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझकर उसे अपने जीवन में लागू करेगा, तभी अच्छा परिवार, मोहल्ला, समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां भी तभी सफल होती हैं, जब नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उन्हें व्यवहार में लागू करें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब सनोबर अली कुरैशी ने डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा जी को अमरोहा अफ्फान कुरैशी मर्डर केस के संबंध मे एक निवेदन दिया तथा मांग की दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाये तथा चार्जशीट फास्टट्रैक कोर्ट मे फाइल की जाये और केस का निपटारा तीन महीने मे सुनिश्चित किया जाये तथा दोषियों को सजाए मौत दिलाई जाये और पीड़ित परिवार को दोषियों की संपत्ति ज़ब्त करके, मुआवजा दिया जाये तथा क़ुरैश कॉन्फ्रेंस की तरफ से 6 महत्वपूर्ण मांगे मुख्य अतिथि द्वारा केन्द्रीय सरकार के समक्ष रखी गई |
1. मीट के व्यापार से जुड़ी सभी समस्याओं के समाधान के लिए एक 'सिंगल विंडो सिस्टम' बनाने के मकसद से सेंट्रल मीट बोर्ड और सभी राज्यों में इसी तरह के राज्य मीट बोर्ड का गठन करना।
2. जानवरों के ट्रांसपोर्टेशन के दौरान मवेशी व्यापारियों की सुरक्षा पक्की करें और उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो ट्रांसपोर्टेशन के दौरान गैर-कानूनी तरीके से जानवरों को लूटते हैं, मवेशी व्यापारियों को प्रताड़ित करते हैं और कभी-कभी मॉब-लिंचिंग (भीड़ द्वारा हिंसा) जैसी घटनाएं भी करते हैं।
3. नगरपालिका की ज़मीन पर सभी बूचड़खानों (SLAUGHTER HOUSES) को फिर से चालू करना, जिसमें सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नियमों के अनुसार सभी सुविधाएँ हों; साथ ही APMC ढोर बाज़ार और भारत के सभी ज़िलों में मीट मार्केट्स को भी फिर से शुरू करना।
4. सभी ब्लॉक/गाँव से लेकर संसद तक, सभी स्तरों पर कुरेश समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें।
5. मुसलमानों या कमज़ोर वर्गों की ज़्यादा आबादी वाले इलाकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कोचिंग और गाइडेंस सेंटर, कैरेक्टर बिल्डिंग एकेडमी और लाइब्रेरी स्थापित करें।
6. मुस्लिम या कमज़ोर वर्गों की बहुलता वाले इलाकों में स्पेशलिटी सरकारी अस्पताल स्थापित करें।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पदाधिकारी जनाब मोहसिन कुरैशी, जनाब हाजी इकबाल कुरैशी, शबनम कुरैशी, आतिका कुरैशी, शमीम फातिमा, जनाब अफजाल अहमद कुरैशी, समीना रज़ा, जनाब डॉ अख्तर हुसैन कुरैशी, जनाब शाह आलम कुरैशी, जनाब मज़ाहिर रज़ा, जनाब अनस कुरैशी, जनाब इमरान कुरैशी, जनाब सलमान कुरैशी, जनाब फिरोज कुरैशी, जनाब फखरे आलम कुरैशी, जनाब फैज़ान कुरैशी, जनाब अरहम कुरैशी, जनाब मोहद उमेर कुरैशी, जनाब सुहैल सिद्दीकी, जनाब साबिर कुरैशी, जनाब हन्नान कुरैशी और अन्य लोग शामिल थे। सबी उपस्थित सम्मानित लोगो ने इस पुस्तक को इंसानियत, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर नेतृत्व की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं।
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