महिला पत्रकारों से कथित मारपीट के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन।

पत्रकारों ने निष्पक्ष जांच व दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। 
कैम्पियरगंज, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

दिल्ली में दो महिला पत्रकारों के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा कथित मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन गोरखपुर ने कड़ा रोष जताते हुए पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन एसोसिएशन के कैम्पियरगंज तहसील अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कैम्पियरगंज के उपजिलाधिकारी आलोक रंजन सिंह को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा पीड़ित महिला पत्रकारों को न्याय एवं आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार, धमकी अथवा मारपीट की घटनाएं न केवल पत्रकारों के अधिकारों का हनन हैं, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय हैं।
इस अवसर पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के कैम्पियरगंज तहसील अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता है। यदि समाचार संकलन के दौरान किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अभद्रता की जाती है तो यह केवल उस पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि उसकी कलम, उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की आवाज पर हमला है। महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों के सम्मान, अधिकार, सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए लगातार आवाज उठाता रहा है और भविष्य में भी पत्रकारों के उत्पीड़न के किसी भी मामले को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार सवाल पूछना बंद कर देगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा। इसलिए पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना दायित्व निभाने का अधिकार मिलना चाहिए।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। पत्रकार किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सच के पक्ष में खड़ा होता है। समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट, अभद्रता, धमकी या अनावश्यक दबाव लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी पत्रकार के साथ अन्याय होता है तो इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन संगठनात्मक स्तर पर उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और व्यावहारिक व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए कहा कि महिला पत्रकारों को समाचार कवरेज के दौरान विशेष सुरक्षा एवं सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलम को डराकर लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता। पत्रकार सुरक्षित होगा, तभी वह निर्भीक होकर जनता की आवाज उठाएगा। पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा है।
एसोसिएशन ने राष्ट्रपति से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया।
इस दौरान जिला अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र, तहसील अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप सिंह, सचिन यादव, सतीश पासवान, अनिल यादव, वीरेंद्र पाण्डेय, अजय अग्रहरि, राकेश चौरसिया, अरुण कुमार, राममिलन कचेर, मनीष कचेर, धर्मेंद्र साहनी, पवन कुमार, दयानंद, इंद्रजीत पाल, सत्येंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

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