उर्दू साहित्य के अनमोल रतन थे हामिद अली।
हामिद अली की पुण्यतिथि पर सेमिनार, पुस्तक लोकार्पण एवं सम्मान समारोह का आयोजन।
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
ज्ञान और साहित्य के संरक्षक तथा महिला शिक्षा के समर्थक मुहम्मद हामिद अली की पुण्यतिथि के अवसर पर—एक स्थानीय होटल में हफ़्ते भर चलने वाले 'जश्न-ए-हामिद' समारोह के तहत *मशाहिर के खुतूत हामिद अली के नाम* (प्रसिद्ध हस्तियों द्वारा हामिद अली को लिखे गए पत्र) किताब का विमोचन किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, में उर्दू विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर सैयद सिराजुद्दीन अजमली ने किया, जबकि हरियाणा के गुड़गांव से पधारे मशहूर कवि डॉ. गुरविंदर बंगा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
इस मौके पर कई जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील ज़ियाउद्दीन फ़ारूक़ी, डॉक्टर अज़हर अली ख़ान, वकील अनुज अस्थाना (सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी), दूरदर्शन के गुलाम हसन खान और पत्रकार मनोज मिश्रा शामिल थे। इसके बाद डॉ. गुरविंदर बंगा और सैयद सिराजुद्दीन अजमाली को सम्मान-पत्र भेंट किए गए।
इस कार्यक्रम में, तीन दिन तक चली *बैत-बाज़ी* (उर्दू कविता-पाठ) प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार और सम्मान दिए गए; जूनियर श्रेणी में, इस्लामिक नर्सरी एंड चिल्ड्रन्स जूनियर हाई स्कूल ने पहला स्थान हासिल किया और खिताब अपने नाम किया।
सीनियर कैटेगरी में, जवाद अली शाह इमामबाड़ा गर्ल्स पीजी कॉलेज और दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी, गोरखपुर के बीच मुकाबला हुआ; जवाद अली शाह इमामबाड़ा पीजी कॉलेज की छात्राओं ने यह मुकाबला जीता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में उर्दू विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सैयद सिराजुद्दीन अजमली ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि साजिद अली मेमोरियल कमेटी और हामिद अली एजुकेशनल ट्रस्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य कर रहे हैं वह उपयोगी भी है और सराहनीय है । उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा से जोड़ा जाए और इस कार्य को यह लोग बहख़ूबी निभा रहे हैं।
उन्होंने मोहम्मद हामिद अली की पुस्तक मशाहीर के ख़ुतूत हामिद अली के नाम पर चर्चा करते हुए कहा कि यह पुस्तक उर्दू साहित्य के लिए एक अनमोल खजाना है।
कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए साजिद अली मेमोरियल कमेटी के सेक्रेटरी महबूब सईद हारिस ने बताया कि आज इस कार्यक्रम का अंतिम दिन है। लगातार सात दिनों से विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा जश्ने हामिद अली मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा शिक्षा की जरूरत जागने की कोशिश की जा रही है क्योंकि यह मिशन है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
कार्यक्रम में विशेष रूप से जमीर अहमद पयाम, आसिफ़ सईद, काज़ी शाहीर, डॉ दरख़्शा ताजवर, एहतेशाम अफसर,अर्शी बस्तवी, इक़बाल अहमद, ज़फ़र अहमद ख़ान, न9हम्माद अनवर ज़िया , डॉ मुहम्मद अशरफ, मुहम्मद नासिर, फरहान काज़मी, वासिफ अली, मुहम्मद उमेस, आदि उपस्थित थे।
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