सीओ सहित राजस्वकर्मी पर प्राथमिकी दर्ज करने का हुआआदेश - राजीव
बेतिया, बिहार।
जिला केअंचल कार्यालय में पदस्थापित,सीओ के साथ साथ राजस्वकर्मीयों का काम करने का तरीका संदेह के घेरे में रहता है। इन के द्वारा भूमि विवाद से संबंधित कागजातों की हेरा फेरी करने में कई बार विभागीय गाज गिरती रहती है,क्योंकि इनके काम करने का तरीका ही उल्टा पुल्टा होता है,गलत तरीके से काम करके भारी मात्रा में रकम की वसूली की जाती है,यह काम इन लोगों के लिए कामधेनु गाय जैसी है,इसी तरह गलत सलत,उल्टा-पल्टी हेरफेर करके नाजायज तरीके से धन इकट्ठा कर लेते हैं,जो बाद में गला का घेघ बन जाता है,यहां तक कि उनका निलंबन,सेवा से बर्खास्त भी हो जाता है, ऐसा कई उदाहरण विगत वर्षों में देखने को मिली है।निगरानी विभाग के द्वारा भीधरपकड़ की जाती है। इसी क्रम में,संवाददाता को पता चला है कि बगहा 2 अंचल के सरकारी राजस्व अभिलेख में कथित तौर पर अवैध तरीके से हेरफेर कर जमाबंदी का रकबा बढ़ाने के मामले में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, राजीव कुमार ने संवाददाता को बताया कि इस संबंध में कड़ाआदेश दिया गया है।मामले में तत्कालीन सीओ,निखिल कुमार, राजस्वकर्मी,जगदीश राम पर प्राथमिकी दर्ज करने काआदेश दिया गया है। मामले में कार्रवाई करने के बजाय,कथित तौर पर लीपापोती करने केआरोप में वर्तमान सीओ,वसीम अकरम सहित तीनों पर
अनुशासनिक कार्रवाई करने हेतुअनुशंसा की गई है।यह मामला बगहा के तिवारीटोला निवासी, रविकांत तिवारी के परिवाद से जुड़ा है।आरोप लगाया गया है कि मौजा पैकवेलिया स्थित जमाबंदी संख्या 21में तत्कालीन सीओऔर राजस्वकर्मी ने
मिलीभगत करके रकबा में अवैध रूप से बढ़ा दी गई है।परिवाद के अनुसार, चौखटअहीर के नाम दर्ज जमाबंदी संख्या 21में पूर्व के दाखिल खारिज और भूअर्जन की कार्रवाई के बाद 44.50 डिसमिल जमीन शेष थी,आरओआर खाता संख्या 22,खेसरा संख्या 384,392 जोड़कर रकबा बढ़कर एक एकड़ 28.50 डेसिमल कर दिया गया,इससे भूमि विवाद में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।वर्तमान सीओ, वसीमअकरम के द्वारा इसे भूलवस हुई गलती बताई जा रही है।
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