साहित्य संरक्षक हामिद अली की पुण्यतिथि पर तीन किताबों का लोकार्पण समारोह।
12 सितंबर, 2026 को शहर के मोहल्ला घासी में स्थित मोहम्मद हामिद अली हॉल (आगोश-ए-हमीदिया) में किताबों के विमोचन का एक समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 'जश्न-ए-हामिद' (हामिद महोत्सव) के तहत आयोजित किया गया था, जो एक सप्ताह तक चलने वाला आयोजन का एक हिस्सा है। यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के जाने-माने बुद्धिजीवी और साहित्यकार, उर्दू भाषा के प्रेमी और महिला शिक्षा के प्रबल समर्थक मोहम्मद हामिद अली की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में किया गया था।
इस मौके पर तीन रचनाओं का विमोचन समारोह आयोजित किया गया: मशहूर उर्दू शायर जौहर मगरी (जो राष्ट्रीय एकता, भारतीय स्वतंत्रता और मानवीय व सामाजिक समानता के समर्थक थे) की रचनाओं का संग्रह *कुल्लियात-ए-जौहर*; शायर इरशाद कामिल की ग़ज़लों का संग्रह *एहसासात*; और डॉ. फैज़ान सरवर द्वारा लिखी गई हज़रत ऐनउल्लाह शाह की जीवनी का लोकार्पण किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने-माने पत्रकार और कवि श्री आसिम गोंडवी ने की, जबकि विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अब्दुल राशिद और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. एहसान अहमद ने विशेष अतिथि के तौर पर इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान के पाठ से हुई। हाफ़िज़ ने अपनी आवाज़ में कुरान की आयतें पढ़ीं। इसके बाद, साजिद अली मेमोरियल कमिटी के अध्यक्ष काज़ी तवस्सुल हुसैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिथि और मुख्य अतिथि का सम्मान किया।
इस मौके पर मेहमानों को संबोधित करते हुए, साजिद अली मेमोरियल कमेटी के सचिव महबूब सईद हारिस ने कहा कि उर्दू ग़ज़ल हमेशा से एक लोकप्रिय विधा रही है और इसने हमेशा दिलों को जोड़ने का काम किया है। आज के पुस्तक लोकार्पण समारोह में ग़ज़लों के दो संग्रहों के साथ-साथ एक प्रतिष्ठित बुजुर्ग की जीवनी पर आधारित किताब का भी लोकार्पा किया गया। उन्होंने कहा कि साजिद अली मेमोरियल कमेटी ने हमेशा उर्दू कवियों और लेखकों के काव्य-संग्रहों और साहित्यिक कृतियों को लोगों के सामने लाने की कोशिश की है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपने बुजुर्गों की उपलब्धियों से परिचित हो सकें।
अपने अध्यक्षीय भाषण में, जाने-माने पत्रकार और कवि श्री आसिम गोंडवी ने कहा कि गोरखपुर की धरती हमेशा से ज्ञान और साहित्य का समृद्ध केंद्र रही है। इस क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित कवियों और लेखकों ने अपनी रचनाओं और कविताओं के माध्यम से साहित्य की दुनिया में गोरखपुर का नाम रोशन किया है।
साजिद अली मेमोरियल कमिटी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी इस पहल को गोरखपुर के साहित्यिक इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ एहसान अहमद ने कहा कि साजिद अली मेमोरियल कमेटी ने अपने बुजुर्गों के कामों को आगे बढ़ाया है और इसके लिए मैं उन्हें मुबारकबाद पेश करता हूं । उन्होंने कहा कि आज जिन किताबों का लोकार्पण हुआ है।वो आसान काम नहीं है। एक किताब को लिखने के लिए बहुत सी कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है तब कहीं जाकर कोई किताब पाठक के सामने आती है।
कार्यक्रम में आसिफ सईद, हाफ़िज़ नसीरुद्दीन, मोहम्मद अनवर ज़िया, डॉ.अजीज रिजवी, ज़फ़र अहमद ख़ान, सैयद असिम रऊफ़, मसरूर जमाल, इंजीनियर रफ़ी अहमद, एहतेशाम अफ़सर, ज़मीर अहमद प्याम, इक़बाल अहमद, डॉ मोहम्मद अशरफ,डॉ.तरन्नुम हसन, सैयद रेहान, सैयद फरहान काज़मी,मोहम्मद ओवैस आदि उपस्थित थे।
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