सीतापुर में बाढ़ और कटान की गंभीर स्थिति, अम्मार रिज़वी का मुख्यमंत्री को पत्र।

रामपुर मथुरा, रेउसा और बेहटा के प्रभावित क्षेत्रों के लिए व्यापक योजना, तत्काल राहत और स्थायी सुरक्षा की मांग।
मोहम्मद फुरकान कुरैशी 
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिज़वी ने मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जनपद सीतापुर में बाढ़ और नदी के भीषण कटान से प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने रामपुर मथुरा, रेउसा और बेहटा ब्लॉकों के प्रभावित क्षेत्रों के लिए व्यापक योजना तैयार करने, तत्काल राहत उपलब्ध कराने तथा कटान की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
डॉ. रिज़वी ने अपने पत्र में कहा कि जनपद सीतापुर की तहसील महमूदाबाद का ब्लॉक रामपुर मथुरा इस समय बाढ़ से अत्यंत प्रभावित है। इस क्षेत्र से घाघरा नदी गुजरती है, जो जनपद बाराबंकी में एल्गिन ब्रिज के निकट पहुंचकर सरयू नदी का रूप धारण कर लेती है। प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ और नदी के लगातार कटान के कारण रामपुर मथुरा के अलावा रेउसा, बेहटा तथा आसपास के अनेक क्षेत्रों के गांव भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सैकड़ों मकान जलमग्न हो जाते हैं, जबकि नदी के लगातार कटान से लोगों के घर, खेत और जमीनें तबाह हो रही हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों परिवारों के सामने जीवन, रोजगार और मूलभूत आवश्यकताओं का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है। मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाता है और प्रभावित परिवारों को रोजमर्रा का जीवन चलाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
डा रिज़वी ने कहा कि नदी के कटान को रोकने के लिए वर्ष 1980 में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक व्यापक योजना तैयार की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कुछ गांवों को कटान से सुरक्षा भी मिली थी। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में कई क्षेत्र दोबारा भीषण कटान की चपेट में आ गए हैं। उन्होने बताया कि अंगरौरा, ननकारी, शुक्लनपुरवा, सोनारखी, सुरजनपुर और केदारीपुर सहित कई क्षेत्रों में भीषण कटान जारी है, जबकि रेउसा ब्लॉक में मल्लापुर, काशीपुर और इसके आसपास का क्षेत्र पहले ही नदी की चपेट में आकर तबाह हो चुका है। नदी के आसपास स्थित अन्य गांव भी इस समय बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं और वहां के लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति इस बात की मांग करती है कि केवल अस्थायी राहत के बजाय बाढ़ और कटान के स्थायी समाधान के लिए सरकार की ओर से एक व्यापक एवं वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए। इस योजना में संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा बांध, कटान रोकने के स्थायी उपाय तथा प्रभावित गांवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ की तबाही से लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
डॉ. रिज़वी ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए अनुरोध किया कि जनपद सीतापुर के बाढ़ प्रभावित ब्लॉकों, बेहटा, रेउसा और रामपुर मथुरा में नदी के कटान को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक व्यापक योजना तैयार कराकर उस पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही के आदेश दिए जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को उनकी आवश्यकतानुसार खाद्य सामग्री, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, मवेशियों के लिए चारा तथा अन्य आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।
उन्होंने कहा कि लोगों को प्रत्येक वर्ष बाढ़ और कटान की तबाही से बचाने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। केवल आपातकालीन राहत से समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है, बल्कि नदी के कटान को रोकने और प्रभावित आबादी को स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है।
डॉ. अम्मार रिज़वी ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस गंभीर मानवीय समस्या का प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे और बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीतापुर के उक्त क्षेत्रों को भविष्य में बाढ़ और कटान की तबाही से सुरक्षित रखने के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक कदम उठाए जाएंगे।यह जानकारी ऑल इंडिया माइनॉरिटीज़ फोरम फॉर डेमोक्रेसी के प्रचार-प्रसार विभाग के सचिव अबुशहमा अंसारी ने दी।

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