आधुनिक समय में प्रभावी संचार सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी - डॉ. सुपर्णा दत्ता
कानपुर, उत्तर प्रदेश।
आचार्य नरेन्द्र देव नगर निगम महिला महाविद्यालय, हर्ष नगर, कानपुर के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा “आधुनिक समय में संचार भूमिका एवं प्रासंगिकता” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 25 एवं 26 सितम्बर 2026 को एन.आर.एस.सी. हॉल में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को प्रभावी संचार के महत्व से परिचित कराना तथा शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं दैनिक जीवन में संचार कौशल की उपयोगिता को समझाना रहा।कार्यशाला के प्रथम दिवस का शुभारम्भ दोपहर 1 बजे सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ हुआ। अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्ष/प्रभारी प्रो. लेफ्टिनेंट अंजिता सिंह ने स्वागत उद्बोधन में मुख्य वक्ता एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने वर्तमान शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिवेश में प्रभावी संचार की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अर्चना सक्सेना ने अपने आशीर्वचन एवं संबोधन में छात्राओं को कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास में प्रभावी संचार कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।इसके पश्चात प्रो. जाबा कुसुम सिंह ने मुख्य वक्ता डॉ. सुपर्णा दत्ता, प्रबंधन विभाग, बी.आई.टी. मेसरा, नोएडा कैंपस का परिचय कराया तथा उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभवों से उपस्थित प्रतिभागियों को अवगत कराया।मुख्य वक्तव्य में डॉ. सुपर्णा दत्ता ने आधुनिक समय में स्पष्ट, प्रभावी एवं उद्देश्यपूर्ण संचार की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संचार केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संबंधों के निर्माण, विचारों की प्रभावी अभिव्यक्ति तथा शैक्षणिक एवं व्यावसायिक सफलता का महत्वपूर्ण माध्यम है।कार्यशाला का सत्र ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक रहा। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए दैनिक जीवन तथा भावी व्यावसायिक जीवन में प्रभावी संचार से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ममता पासवान ने किया, जबकि अंत में स्मृति चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यशाला के प्रथम दिवस ने छात्राओं को आधुनिक समय में संचार की भूमिका एवं प्रासंगिकता को समझने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, प्रभावी संचार कौशल को विकसित करने के लिए उन्हें व्यावहारिक जानकारी एवं प्रेरणा भी प्राप्त हुई।
Comments
Post a Comment