सीएचसी सीयर में डिजिटल एक्स-रे मशीन का इंतजार, मरीजों की जेब पर पड़ रहा बोझ।

पुरानी एक्स-रे मशीन के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था, हड्डी रोग के मरीजों को जांच के लिए जाना पड़ रहा बाहर
ब्यूरो चीफ़: किशन जायसवाल
बिल्थरारोड। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे क्षेत्र के मरीजों को अभी भी कई जरूरी जांचों के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल में पुरानी एक्स-रे मशीन तो मौजूद है, लेकिन डिजिटल एक्स-रे मशीन की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को आए दिन बाहर जाकर जांच करानी पड़ती है। खासकर हड्डी रोग से जुड़े मरीजों के लिए यह समस्या काफी गंभीर बनी हुई है।
हड्डी में चोट, फ्रैक्चर, गिरने या दुर्घटना के बाद जब डॉक्टर एक्स-रे की सलाह देते हैं तो सरकारी अस्पताल में आधुनिक डिजिटल सुविधा नहीं होने के कारण मरीज और उनके तीमारदारों को निजी एक्स-रे सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है। बाहर एक्स-रे कराने में मरीजों को लगभग 200 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। गरीब परिवारों के लिए यह रकम भी कम नहीं है।

पुरानी मशीन से काम चलाने की मजबूरी। 
सीएचसी सीयर में पुरानी एक्स-रे मशीन उपलब्ध है, लेकिन बदलते समय के साथ अस्पताल में आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन की जरूरत महसूस की जा रही है। क्षेत्र की आबादी और रोजाना अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को देखते हुए लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा होना बेहद जरूरी है।
एक तरफ सरकार लगातार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सीएचसी सीयर में डिजिटल एक्स-रे जैसी जरूरी सुविधा का इंतजार मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है।

गरीब मरीजों पर पड़ रहा सीधा आर्थिक बोझ। 
सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को होती है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज को जब एक्स-रे के लिए बाहर भेजा जाता है तो उसे जांच की फीस के साथ आने-जाने का खर्च भी उठाना पड़ता है। कई बार मरीज के साथ परिवार के एक-दो लोगों को भी जाना पड़ता है। दुर्घटना या फ्रैक्चर के मामलों में मरीज की हालत ऐसी होती है कि उसे अस्पताल से बाहर निजी सेंटर तक ले जाना भी परिवार के लिए परेशानी भरा होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीएचसी सीयर में डिजिटल एक्स-रे मशीन लग जाए तो मरीजों को जांच के लिए बाहर जाने की मजबूरी से काफी राहत मिल सकती है।

जनप्रतिनिधियों से लोगों की उम्मीद, लेकिन पहल का इंतजार। 

क्षेत्रवासियों का कहना है कि सीएचसी सीयर में डिजिटल एक्स-रे मशीन लगवाने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को गंभीर पहल करनी चाहिए। लोगों का सवाल है कि जब एक छोटी सी सुविधा के अभाव में रोजाना मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है और उनकी जेब से पैसा खर्च हो रहा है, तो इस दिशा में अब तक ठोस पहल क्यों नहीं हुई?
लोगों का कहना है कि किसी सरकारी अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन लगवाना केवल मशीन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हजारों मरीजों को आर्थिक राहत देना है। यदि जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग इस मुद्दे को प्राथमिकता दें तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिल सकती है।
मरीजों की मांग—अब आश्वासन नहीं, सुविधा चाहिए
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सीएचसी सीयर में जल्द से जल्द आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि हड्डी रोग और अन्य मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का चक्कर न लगाना पड़े। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियादी जरूरत है। सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्यों के साथ सरकारी अस्पताल में जरूरी जांच सुविधाओं का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर हैं कि सीएचसी सीयर में डिजिटल एक्स-रे मशीन कब तक लगती है और मरीजों को निजी केंद्रों की महंगी जांच से कब राहत मिलती है।

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