पितृपक्ष मेला का भव्य शुभारंभ।

गया के विकास को मिलेगी नई रफ्तार:मुख्यमंत्री
रिपोर्ट: विनोद विरोधी 
गया (बिहार)। गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शुक्रवार को पितृपक्ष मेला-2026 का भव्य उद्घाटन हुआ। इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
गांधी मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री एवं उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। मौके पर अतिथियों का अंग वस्त्र एवं पुष्प कुछ देकर भव्य स्वागत किया गया।
समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, सभापति अवधेश नारायण सिंह, विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री, विजय कुमार सिंह कृषि मंत्री,  केदार प्रसाद गुप्ता परिवहन मंत्री, दिलीप कुमार जायसवाल राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, अभय कुमार सिंह सांसद औरंगाबाद,जीवन कुमार बिहार विधान परिषद, वीरेंद्र सिंह वजीरगंज विधायक ,रोमित कुमार विधायक अतरी, नैना कुमारी जिला परिषद, शीतल प्रसाद यादव जिला परिषद ,वीरेंद्र कुमार महापौर गया नगर निगम ,मनोरमा देवी ,लगभग सभी विधायक एवं सांसदों के साथ बिहार सरकार के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।सभा को संबोधित करते हुए श्री जीतन राम मांझी ने गया के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। उन्होंने कहा कि गया को सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि सुंदर, स्वच्छ, आधुनिक और विकसित शहर के रूप में पहचान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि गया और बोधगया के लिए एक भव्य कॉरिडोर का निर्माण, डोभी में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार तथा फल्गु नदी में वर्षभर पानी की उपलब्धता जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने से गया में धार्मिक पर्यटन, रोजगार, उद्योग और बुनियादी सुविधाओं को नई गति मिल सकती है।
 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के विकास के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस सोच और संकल्प के साथ काम किया, उसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का काम उनकी सरकार करेगी।उन्होंने कहा कि गंगा के पानी को फल्गु नदी तक पहुंचाने जैसी महत्वपूर्ण पहल ने गया के लिए एक नई दिशा तय की है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए गया के विकास के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गया में करोड़ों रुपये की लागत से ऐसा कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा, जो अपनी भव्यता और सुविधाओं के लिहाज से देश में अपनी अलग पहचान बनाए।
उन्होंने कहा कि गया केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और गया का विकास आधुनिक शहर के रूप में हो।
पितृपक्ष मेला के इस भव्य उद्घाटन समारोह में आस्था, संस्कृति और विकास—तीनों की झलक एक साथ देखने को मिली। गया के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणाओं और जनप्रतिनिधियों की मांगों ने आने वाले समय में गया की तस्वीर बदलने की उम्मीद को और मजबूत किया।

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