अंचल कार्यालय के अभिलेख में कागजात की हेराफेरी काअधिकारी ने किया खुलासा।
बेतिया, बिहार।
जिला के बैरिया प्रखंड के बैरियाअंचल कार्यालय में, अभिलेखागार में तैनात दो स्कैनिंग एजेंसी कर्मियों के द्वारा व्यापक पैमाने पर अभिलेखों में ढेर सारा किया गया है यही नहीं इन अभिलेखों में छेड़छाड़ कर बिहार भूमि पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है एक फर्जी अभिलेख भी तैयार कर रिपोर्टर पर अपलोड कर दिया गया इसका खुलासा,अजय कुमार,अंचलअधिकारी के जांच में हुआ है।अंचल अधिकारी ने खुलासा किया है किअभिलेखागार की जांच की गई तो पाया गया कि इस रूम में लगाया गया सीसीटीवी कैमरा बंद पाया गया।कैमरा बंद होने की सूचना,अभिलेखागार में तैनात स्कैनिंग एजेंसी प्रभारी,ललित नारायण मिश्रा,बिट्टू कुमार के द्वारा
अधिकारी को संज्ञान में नहीं दिया गया।जब जांच की प्रक्रिया शुरू की गई तो पता चला के 9 से अधिक बंदोबस्त कीअभिलेखों में छेड़छाड़ कर स्कैनिंग की गई है,उसके बाद स्कैनिंग करके इन अभिलेखों को फर्जी तरीके कोअपनाकर
बिहार भूमि पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया है।इस संबंध में संवाददाता को पता चला है कि बैरिया गांव निवासी सुरेश प्रसाद ने 6 कार्यालय एवं बैरिया थाने में आवेदन देकर अभिव्यक्त की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है सुरेश प्रसाद ने संवाददाता को बताया कि उनके पिता लक्ष्मी प्रसाद और चाचा बैजनाथ प्रसाद के नाम वर्ष 1988 89 में जमीन का बंदोबस्त हुआ था इसकी बंद बस्ती संख्या 185 है उन्होंने ऑनलाइन अभिलेख निकला तो उसमें निश्चित कलम एन से मलूक मुखिया का नाम अंकित पाया गया,इससे यह भी पता चला कि बाद में इस काम को किया गया है, उक्त व्यक्ति नेआगे बताया कि मूलअभिलेख में बाद में गलत तरीके से नाम
जोड़ा गया है।इस संबंध में, बैरियाअंचलअधिकारी, अजय कुमार ने रिकॉर्ड रूम में स्कैनिंग करने वाले कर्मी,बिट्टू कुमार से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की
इन्होंने इस मामले को संज्ञान में लेकर दोनों कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांगती है,इसके साथ ही उन्होंने इससे संबंधित वरीय पदाधिकारी को जानकारी दे दी है।
संवाददाता का विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि विधिवत सांगोपांग जांच के बादअभिलेख में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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