डॉo रामसेवक विकल साहित्य कला संगम सेवा ट्रस्ट द्वारा नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित।
इफ्तेख़ार खान की उपलब्धि से साहित्य जगत गौरवान्वित - डॉ० आदित्य कुमार अंशु
इसारी सलेमपुर,बलिया।उत्तर प्रदेश।
डॉ० रामसेवक विकल साहित्य कला संगम सेवा ट्रस्ट (न्यास) इसारी सलेमपुर द्वारा विनय वर्मा के आवास पर डॉ० इफ्तेखार खान का नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षक , कविगण , गणमान्य व्यक्ति एवं पत्रकार शामिल हुए और उन्हें बधाई देते हुए उनके शैक्षिक योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ० आदित्य कुमार अंशु तथा अध्यक्षता डॉ० जितेंद्र स्वाध्यायी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत रमाशंकर वर्मा मनहर के सरस्वती गीत -
ज्ञान की चुनरिया में पेवना पर पेवना सटाइल हे।
सिकुरत सिकुरत भइले ओख बदन सब उघार भइले हे।।
अशहर खुर्शीद ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। हास्य कवि डॉ० गया शंकर प्रेमी ने श्रोताओं को खूब हंसाया कहा -
भाई के सहकल धधाइल भुलाइल बा।
नवकी पतोहिया से नाकिये धराइल बा।।
अपनी समसामयिक रचना को डॉ० जितेंद्र स्वाध्यायी ने सुनाया -
दिल में जिसके नफ़रत है वह प्रेम का बीज बो नहीं सकता।
भरा हो व्याभिचार जिसमें उसका सम्मान हो नहीं सकता।।
छोटी मुकी हाथ अंगुरिया छोटी मुकी पांव बा।
लाता लुती खेलल जाई पीपरा के छांव बा।।
वहीं पर अशहर खुर्शीद ने मानवता के प्रेरक गीत सुनाया - चलो एक नया भारत हम बनाए।
डॉ० जितेंद्र त्यागी ने गुरु वंदना करते हुए कहा -
इनसे बड़ा न दूजा कोई धरती और आसमान में।
कोई ज्ञानी भेद बता दे गुरु और भगवान में।।
अफजल अहमद ने डाक्टर और चिकित्सा व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए कहा -
समझत समझत समझ ना पवली एही समय के लोगन के।
*डाक्टर जाँच पर जांच करावे समझ ना पावे रोगन के।।
शिक्षा व्यवस्था पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए डी०एन० सिंह रसिक ने कहा -
शिक्षकों की गरिमा में गिरावट हो रही है।
अंत में मुख्य अतिथि कला शिक्षक, साहित्यकार और राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत डॉ० इफ्तेख़ार खान ने अपने जीवन के सफ़र का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार सही मूल्यांकन करने में माहिर है नहीं तो मुझ जैसे साधारण व्यक्ति को यह सम्मान दिया। यह केवल मेरा सम्मान नहीं समस्त जनपद वासियों का सम्मान है। कार्यक्रम में विनय वर्मा , हरिओम श्रीवास्तव, सद्दाम हुसैन किश्तु गुप्ता, राजू गुप्ता, अजय पुष्पक आदि का विशेष सहयोग रहा। डॉo आदित्य कुमार अंशु ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम को नवजवानों ने करके वर्तमान युग के लिए एक मिसाल किया है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
Comments
Post a Comment