दो दिवसीय उर्स-ए-निजामी 12 अक्टूबर से; देश भर से अकीदतमंदों (श्रद्धालुओं) के आने की संभावना, तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी।
भारत के प्रसिद्ध सूफी संत, महान आलिम-ए-रब्बानी, खतीबुल बुरहान हजरत अल्लामा मुफ्ती शाह सूफी मोहम्मद निजामुद्दीन कादरी बरकाती मुहद्दिस बस्तवी का चौदहवां सालाना उर्स-ए-निजामी अत्यंत अकीदत व सम्मान के साथ मनाने की तैयारियां अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। खानकाह-ए-आलिया और परिसर में सजावट और सफाई का काम तेजी से चल रहा है।
उर्स के भव्य और शानदार आयोजन के लिए आयोजक और स्वयंसेवक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। नाजिम-ए-उर्स निजामी हाजी समीउल्लाह निजामी (मुंबई), उबैद खान (पुणे), डॉ.वहीदुल हसन खान(बैंगलोर), हाफिज महबूबुर रहमान निजामी, हाफिज मुजीबुर रहमान और डॉ. अनीस खान अपनी पूरी टीम के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं।
अलाउद्दीन निजामी गोरखपुरी अपनी टीम के साथ दरगाह, खानकाह, जलसा गाह और रास्तों की सजावट, लाइटिंग और टेंट, और लाउडस्पीकर के कामों में जुटे हुए हैं, पूरे परिसर को रोशन किया जा रहा है। शाकिर खान निजामी दरगाह को फूलों की मालाओं से सजाने के लिए विशेष रूप से गोवा से आ रहे हैं।
मुमताज अहमद (ब्लॉक प्रमुख, समरियावां) और मुश्ताक अहमद समरियावां, शकरौली और बसडीला मार्ग पर मौजूद गड्ढों की मरम्मत करवा रहे हैं ताकि जायरीनों (श्रद्धालुओं) और यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सिराज खान (निदेशक पूर्वांचल अकादमी), सलीम खान, अली असगर, इरफान बीडीसी और मास्टर इरशाद खान अपनी टीम के साथ जायरीनों की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने में लगे हुए हैं।
मौलाना सनाउल मुस्तफा निजामी ने बताया कि इस मुबारक अवसर पर मुंबई, मध्य प्रदेश, बंगाल, गुजरात, गोवा, कर्नाटक, राजस्थान और अन्य विभिन्न राज्यों से अकीदतमंदों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिनके ठहरने और खाने के लिए बेहतरीन और व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सज्जादानशीन हजरत अल्लामा अल-हाज सूफी हबीबुर्रहमान रिजवी मिस्बाही के अनुसार उर्स-ए-मुबारक का विस्तृत कार्यक्रम निम्नलिखित है:12 अक्टूबर: बाद नमाज़-ए-फज्र: कुरआन ख्वानी और हलका-ए-जिक्र।
* बाद नमाज़-ए-जोहर:जुलूस-ए-चादर।बाद नमाज़-ए-इशा: अजीमुश्शान "निजामी कॉन्फ्रेंस", जिसमें देश के नामवर मशहूर उलमा-ए-किराम, मशाएख-ए-इजाम और शोअरा-ए-इस्लाम भाग लेंगे।
इस प्रतिष्ठित महफिल में मौलाना जियाउल मुस्तफा निजामी महासचिव आल इंडिया बज्मे निजामी की नवीनतम कृति "खुलासा-ए-मजामीन-ए-कुरआन" का विमोचन उलमा-ए-किराम और मशाएख-ए-इजाम के पवित्र हाथों से किया जाएगा।
13 अक्टूबर:सुबह 8 बजे: पुरनूर महफिल-ए-कुल शरीफ, फातिहा ख्वानी और देश व राष्ट्र की सलामती के लिए विशेष दुआ के बाद उर्स-ए-पाक के दो दिवसीय आयोजनों का समापन होगा।
उर्स के इस खुशी के मौके पर एक विशेष पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें सैकड़ों धार्मिक और शैक्षणिक किताबें उपलब्ध रहेंगी। हकीम रजाउल मुस्तफा निजामी ने बताया कि इस मेले में हुजूर खतीबुल बुरहान, हबीबुलेमा और जियाउलेमा की मूल्यवान कृतियां, उनके जीवन और सेवाओं पर लिखी गई दर्जनों किताबों के अलावा अन्य प्रतिष्ठित लेखकों की पुस्तकें भी ज्ञान प्रेमियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
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