बिहार में बड़ा हादसा: गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, कई परिवारों में पसरा मातम!।

वैशाली के राघोपुर में दर्दनाक हादसा, दावत में शामिल होने जा रहे थे नाव पर सवार लोग; हादसे के बाद इलाके में मचा कोहराम
पीएम मोदी, सीएम सम्राट समेत कई नेताओं ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान। 
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, चिराग पासवान, सांसद मीसा भारती, पप्पू यादव समेत कई नेताओं ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से की मुलाकात। 
राघोपुर के विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर जताया दुख। 
हाजीपुर(वैशाली)बिहार।
 बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में 13 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है। घटना वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाव पर सवार लोग गंगा नदी के दूसरी ओर एक दावत में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव नदी में पलट गई, जिससे कई लोग डूबने लगे। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दलों ने लोगों को नदी से बाहर निकालने की कोशिश की। इस दर्दनाक घटना से प्रभावित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मासूम बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के नाम

इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों में पिंकी (13 वर्ष), पिता डोमन राय; अंगिता (6 वर्ष), पिता राजकिशोर राय; सुनीता (13 वर्ष), पिता राजकिशोर राय; अमृता (16 वर्ष), पिता राजकिशोर राय; आर्यन (13 वर्ष), पिता गिरधारी राय; अलेशा (18 वर्ष), पिता सुरेश राय; संकी (16 वर्ष), पिता सुरेश राय; भुवन (12 वर्ष), पिता रामप्रवेश राय; मीरा (12 वर्ष), पिता लालू राय; नमन (10 वर्ष), पिता मुकेश राय; सोनम (11 वर्ष), पिता नरेश राय; मोहन (13 वर्ष), पिता अखिलेश राय और विपुल (13 वर्ष), पिता रामनरेश राय के नाम शामिल हैं।

नावों में यात्रा की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे ने नदियों में नाव से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि नावों पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
हादसे के कारणों का पता लगाने, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए मामले की पूरी जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
इस बीच, बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की।

पीएम मोदी और सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख

इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख, हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंत्री संजय सिंह, विधान परिषद सदस्य अशरफ अंसारी समेत अन्य नेताओं के साथ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की।

इस दौरान एक मां अपने बच्चों को खोने के गम में फूट-फूटकर रोती हुई चिराग पासवान से लिपट गई। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

कई अन्य नेताओं ने भी पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद मीसा भारती, सांसद पप्पू यादव, हाजीपुर के विधायक अवधेश सिंह समेत कई अन्य नेता भी राघोपुर गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सांत्वना दी।
वहीं, राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया।
घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जिला प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। मौके पर वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शंभूनाथ मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता

जिला प्रशासन, वैशाली की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हादसे में मृतकों के परिजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार:

आपदा अनुग्रह अनुदान: प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये।

कबीर अंत्येष्टि योजना: प्रत्येक मृतक के परिजन को 3-3 हजार रुपये।

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना: प्रत्येक मृतक के परिजन को 20-20 हजार रुपये।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष: प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा।

घायलों के लिए सहायता: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा।


जिला प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर बचाव अभियान में जुटी है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। पीड़ित परिवारों के घरों में मातम पसरा है और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है।

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