सुरेश साह हत्याकांड में दो दोषियों कोआजीवन कारावास की सजा के साथ 50 हजार जुर्माना।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय व्यवहार न्यायालय में एक जमीनी विवाद को लेकर पंचायती के दौरान सुरेश शाह की हुई हत्या की एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए जिलाअपर सत्र न्यायाधीश,धीरेंद्र कुमार ने कांड के नामजद अभियुक्त,दीनानाथ साह, मुन्ना साह को दोषी करार दिया।सजा के बिंदु पर बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोष सिद्ध दोनोंअभियुक्तों को बीएनएस की धारा103में आजीवन कारावास की सजा सुमाने के साथ साथ 50 हजार जुर्माना देने काआदेश दिया है। न्यायाधीश नेअभियुक्त को बीएनएस की धारा115/ 126 में भी दोषी पाते हुए क्रमशःएक वर्ष की करावास,एक हजार रुपए जुर्माना एवं एक माह की कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय सूत्रों से संवाददाताओं को मिली जानकारी के अनुसार, सजायाफ्ता नौतन थाना के बुथवलिया निवासी बताए गए हैं।अपर लोक अभियोजक,चंद्रशेखर प्रसाद ने संवाददाता को बताया कि कांड के सूचक मृतक,सुरेश साह की पत्नी चंदा देवी ने इस घटना को 29अगस्त 24 बताया। उक्त तिथि को सूचक चंदा देवी,पति सुरेश साह, कैलाश मुखिया,दीनानाथ साह,मुन्ना साह को पंचायती के लिए गांव के बगीचे में बुलाया गया था। इसी क्रम में,अभियुक्त हारवे हथियार से लैस होकरआए,पंचायती के दौरान बात बिगड़ने पर कैलाश साहआपे से बाहर होकर,चिल्ला कर कहा यही मौका है,जान से मार दो। कैलाश मुखिया एवं दीनानाथ शाह,मुन्ना साह एवंअन्य सुरेश साह के सिर पर रड से  प्रहार करने लगे सुरेश साह गंभीर रूप से जख्मी होकर जमीन पर गिर गया,परिवार के लोग बचाने आए तो सभी ने मिलकर उन्हें भी लाठी-डंडे से पीटकर जख्मी कर दिया ग्रामीणों ने इलाज के लिए उसे बेतिया सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया, इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मृतक के पत्नी,चंदा देवी के फर्दबयान केआधार पर नौतन थाना कांड संख्या 315/24 दर्ज कर लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया है।अपर लोकअभियोजक ने संवाददाता को बताया कि अन्यअभियुक्तों का विचारण न्यायालय में अलग हो रहा है।

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