कानपुर की सरज़मीं पर AIMOC की राष्ट्रीय बैठक का शानदार आग़ाज़।

बिरादरी के इत्तिहाद और तरक़्क़ी का पैग़ाम।
हफीज अहमद खान 
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश। 
उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय मनिहार संगठन परिसंघ (AIMOC) की ओर से आज कानपुर स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ हॉल की सरज़मीं पर एक अहम राष्ट्रीय बैठक का आग़ाज़ किया गया। इस बैठक में मनिहार बिरादरी के संगठनात्मक इत्तिहाद,आपसी भाईचारे,सामाजिक तरक़्क़ी और आने वाले वक़्त के लिए मज़बूत कार्ययोजना को लेकर एक सकारात्मक माहौल देखने को मिला।इस अहम मौक़े पर अखिल भारतीय मनिहार संगठन परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अहमद सईद सिद्दीक़ी साहब,राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर रियाज़ुद्दीन रफ़ीउद्दीन मनियार साहब राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद इरफ़ान मनिहार साहब राष्ट्रीय वरिष्ठ सचिव बाबू ख़ान साहब वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद शफ़ीक़ सिद्दीक़ी तौसीफ़ अहमद नफ़ीसुल्लाह सिद्दीक़ी शहंशाह एडवोकेट इसरत अली सिद्दीक़ी,शाहिद हबीब सहित अनेक सम्मानित पदाधिकारी,समाजसेवी और मनिहार बिरादरी के साथी मौजूद रहे।बैठक में दूर-दराज़ से तशरीफ़ लाईं सम्मानित ख़वातीन तथा कानपुर की सरज़मीं से शामिल हुए बिरादरी के तमाम सम्मानित लोगों ने अखिल भारतीय मनिहार संगठन परिसंघ का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया। सभी की भागीदारी ने इस बात को मज़बूती से सामने रखा कि जब समाज के लोग एक मक़सद के साथ एक मंच पर आते हैं, तो तरक़्क़ी और बेहतरी की राहें आसान होती हैं।इत्तिहाद, तरक़्क़ी और आने वाली नस्लों के बेहतर मुस्तक़बिल का संकल्प AIMOC की इस राष्ट्रीय बैठक को मनिहार बिरादरी के बीच आपसी तालमेल, एकजुटता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे आयोजन न केवल लोगों को एक-दूसरे के क़रीब लाते हैं, बल्कि समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर मिल-बैठकर विचार करने और उनके बेहतर समाधान तलाशने का अवसर भी प्रदान करते हैं।यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि इत्तिहाद, भरोसे और नई उम्मीदों की एक मज़बूत शुरुआत है आने वाली नस्लों के लिए एक बेहतर और रोशन मुस्तक़बिल तामीर कर सकेंगे।कानपुर की इस सरज़मीं से उठने वाला एकता और तरक़्क़ी का पैग़ाम निश्चित रूप से समाज के लोगों को मिल-जुलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

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