नशीली दवाई,मादक पदार्थों काधंधा चरम सीमा हुआ पार,रोकथाम संदिग्ध।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
इन दिनों नशीली दवाई, इंजेक्शन,मादक पदार्थ जैसे ब्राउन शुगर,अफीम, हीरोइन,चरस,गांजा को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाने वाले गिरोह पर नकेल कसने की जरूरत है। इसका नेटवर्क तेजी से फैलता चला जा रहा है। इससे विशेष रूप से युवा किशोर शिकार हो रहे हैं। अब तो वैसे दवा,सुई, नशीले इंजेक्शन,तरल पदार्थ,सूंघने वाला वस्तु आसानी से बाजारों, दवा दुकानों,चाय पान नाश्ता, दुकानदार,जनरल स्टोर वाले के यहां मिल जा रहा है,साथ ही इसकी तस्करी भी की जा रही है।यह बहुत ही खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है,इसपर नियंत्रण करना जरूरी है।
पुलिस धंधेबाज को पकड़ भी रही है,मगर यह कई रास्ता को निकाल कर,कई जगह,कई ग्रुप से मिलकर पहुंच रहे हैं,अपना धंधा को
चला रहे हैं।इसका नेटवर्क निचले स्तर तक फैला हुआ है,यह सामान्य मामला नहीं है, इसके पीछे गहरी साजिश चली जा रही है जिसका संचालन बाहर से किया जा रहा है कि शोरूम को ड्रग्स की लत तो लगाई जा रही है और फिर उनके ही माध्यम से इस नेटवर्क को आगे बढ़ते हैं युवक वीडियो को कमजोर करने की कभी साजिश रचित जा रही है,इस नेटवर्क को ध्वस्त करना पड़ेगा।

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