चरवाहा विद्यालय दरबार के भवन की स्थिति जर्जर।

निकट के विद्यालय में शिफ्ट करने की गुहार
 रिपोर्ट: विनोद विरोधी
 गया, बिहार। 
जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग की भूमि पर स्थित चरवाहा विद्यालय दरबार के भवन की स्थिति इन दिनों काफी जर्जर हो चुकी है।दो कमरों के बने भवन में छत एवं दीवार की स्थिति यह है कि वह कभी भी धराशायी हो सकता है और किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है। बीते बरसात के मौसम में छात्रों से लगातार पानी चूता रहा जिसे बच्चों की पढ़ाई व शिक्षकों का कार्य करने में काफी फजीहत उठाना पड़ा है। हालांकि विभाग द्वारा नए भवन की बुनियाद रखी जा चुकी है, लेकिन इनके निर्माण की गति कछुआ की चाल से समान है। विद्यालय के प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने बताया कि विद्यालय के भवन की जर्जर स्थिति के कारण शिक्षकों एवं छात्रों के बीच हादसे की आशंका बनी है इसी भय के माहौल में बच्चों का अध्ययन- अध्यापन कार्य भी बाधित होता रहता है। उन्होंने बताया कि नए भवन निर्माण तक पड़ोस के विद्यालय जहांगीरा में स्थानांतरित करने के लिए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है, जिसकी अनुशंसा स्थानीय रोही पंचायत के मुखिया विजय प्रसाद सिन्हा ने भी की है। लेकिन अब तक कोई समुचित कदम नहीं उठाया जा सका है। उन्होंने पुनः विभागीय अधिकारियों से विद्यालय भवन को निकट के विद्यालय जहांगीरा में शिफ्ट करने की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि समाज के वंचित समुदायों को अध्ययन के उद्देश्य से 1992 में बने चरवाहा विद्यालय दरबार मे प्रधान शिक्षक समेत कुल पांच शिक्षाकर्मी तथा एक सौ से ऊपर बच्चे अध्यनरत हैं।

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