डॉ. अज़ीज़ अहमद एवं महबूब सईद हारिस को मिला सर सैयद अवार्ड।

इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी ने सर सैयद अहमद ख़ाँ का जन्मदिवस शिक्षा दिवस के रूप में मनाया। 
सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक, महान शिक्षाविद् और समाज सुधारक सर सैयद अहमद ख़ाँ का जन्मदिवस इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के तत्वावधान में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में सर सैयद अहमद ख़ाँ की शैक्षिक, सामाजिक और वैचारिक सेवाओं को याद करते हुए शिक्षा को समाज की तरक्की का सबसे मजबूत आधार बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाने और समाज में इल्म की रोशनी फैलाने के लिए समर्पित लोगों की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।
समारोह में शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. अज़ीज़ अहमद और महबूब सईद हारिस को सर सैयद अवार्ड से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सर सैयद अहमद ख़ाँ के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और नई पीढ़ी के बेहतर भविष्य के निर्माण के संकल्प का प्रतीक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने की, जबकि संचालन कमेटी के महासचिव हाजी सोहराब खान ने किया। 
गोष्ठी को संबोधित करते हुए इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने कहा कि सर सैयद अहमद ख़ाँ ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना की नींव रखकर शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने ऐसे समय में आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता को समझा, जब समाज के एक बड़े वर्ग के सामने शैक्षिक पिछड़ापन, जागरूकता की कमी और बदलते समय के साथ कदम मिलाने जैसी गंभीर चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि सर सैयद अहमद ख़ाँ ने शिक्षा को केवल व्यक्तिगत सफलता का साधन नहीं माना, बल्कि इसे समाज की उन्नति, आत्मनिर्भरता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने का माध्यम बनाया। उनकी दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप अलीगढ़ में एक ऐसा शैक्षिक आंदोलन विकसित हुआ, जिसने देश-विदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
सैयद इरशाद अहमद ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी आज ज्ञान, शोध, विज्ञान, साहित्य और विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में अपनी पहचान रखती है। इस संस्थान की स्थापना के पीछे सर सैयद अहमद ख़ाँ का अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण था। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का सपना देखा और उस सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए।
समारोह में डॉ. अज़ीज़ अहमद को सर सैयद अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके सम्मान के अवसर पर शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। शिक्षा और समाजसेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे। चिकित्सा, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों की भूमिका भी समाज को शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण होती है। डॉ. अज़ीज़ अहमद को प्रदान किया गया सम्मान इसी व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करता है। सर सैयद अहमद ख़ाँ की विचारधारा का एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है कि ज्ञान को समाज के कल्याण से जोड़ा जाना चाहिए। शिक्षित व्यक्ति अपनी योग्यता का उपयोग केवल अपने विकास के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी करे।
हामिद अली एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव महबूब सईद हारिस को भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सर सैयद अवार्ड से सम्मानित किया गया। शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना, विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और समाज में शैक्षिक वातावरण को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास करना सर सैयद अहमद ख़ाँ के मिशन की मूल भावना से जुड़ा हुआ है।
महबूब सईद हारिस का शिक्षा के महत्व को समाज तक पहुंचाने और सर सैयद अहमद ख़ाँ के विचारों को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास विशेष महत्व रखता है। हामिद अली एजुकेशनल ट्रस्ट के माध्यम से आयोजित शैक्षिक कार्यक्रम, विद्यार्थियों के बीच सर सैयद की विचारधारा पर चर्चा और शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने वाली गतिविधियां इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
महबूब सईद हारिस को सर सैयद अवार्ड से सम्मानित किया जाना शिक्षा के प्रति समर्पित प्रयासों को प्रोत्साहित करने का संदेश देता है। ऐसे सम्मान समाज के उन लोगों को प्रेरणा प्रदान करते हैं, जो शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार मानते हुए नई पीढ़ी के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए काम करते हैं।
कमेटी के महासचिव हाजी सोहराब खान ने अपने संबोधन में कहा कि सर सैयद अहमद ख़ाँ ने शिक्षा के माध्यम से समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का ऐतिहासिक कार्य किया। वह उर्दू भाषा की तरक्की, समाज की खुशहाली और नई पीढ़ी को शिक्षित देखने का सपना देखते थे।
इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी द्वारा आयोजित यह गोष्ठी एवं सम्मान समारोह सर सैयद अहमद ख़ाँ के शैक्षिक योगदान को याद करने और शिक्षा के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को दोहराने का अवसर बना। डॉ. अज़ीज़ अहमद और महबूब सईद हारिस को सर सैयद अवार्ड से सम्मानित किए जाने के माध्यम से शिक्षा एवं समाज के विकास में योगदान देने वाले व्यक्तियों के सम्मान का संदेश भी दिया गया।
समारोह का समापन सर सैयद अहमद ख़ाँ के शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाने, विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने और समाज में ज्ञान, जागरूकता तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने माना कि सर सैयद को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब शिक्षा की रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी और हर बच्चे को अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में शकील शाही, अहमद नर्सिंग होम के मैनेजर अलीम सिद्दीकी, आफताब अहमद, अदील अख्तर खान, डॉ. जावेद खान, अशफाक हुसैन मेकरानी, कबीर अली, हामिद अंसारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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