‘नूर अल-सलाम—द लाइट ऑफ पीस’ : संत सौरभ के शांति व सद्भाव दर्शन पर मिस्र के थामेर अब्दुलरहमान की पुस्तक।
वर्ल्ड रिकॉर्ड साहित्यिक पहल के तहत 23वें दिन 23वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक के कवर का विमोचन
गोरखपुर भारत।
वर्ल्ड रिकॉर्ड साहित्यिक पहल के तहत लगातार 23वें दिन 23वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक के कवर का विमोचन किया गया। मिस्र के लेखक थामेर अब्दुलरहमान मोहामेद द्वारा लिखित पुस्तक ‘नूर अल-सलाम—द लाइट ऑफ पीस’ का कवर जारी किया गया। पुस्तक का उपशीर्षक ‘संत सौरभ और सार्वभौमिक सद्भाव की दृष्टि’ है।
पुस्तक में जगत धर्म चक्रवर्ती, सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ जी महाराज के जीवन-दर्शन और मानवीय विचारों को शांति, करुणा, सेवा तथा सार्वभौमिक सद्भाव के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने संत सौरभ के विचारों को धर्म, राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक सीमाओं से परे मानवता को जोड़ने वाली दृष्टि के रूप में अभिव्यक्त किया है।
पुस्तक में मिस्र की प्राचीन नील सभ्यता की ज्ञान परंपरा, सह-अस्तित्व और जीवन के प्रति सम्मान की भावना को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। कवर पर पिरामिड, नील नदी, मस्जिद और शांति के प्रतीक कबूतर के माध्यम से मिस्र की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को दर्शाया गया है।
लेखक थामेर अब्दुलरहमान मोहामेद पत्रकारिता एवं फोटो पत्रकारिता से जुड़े हैं तथा मार्शल आर्ट्स और आत्मरक्षा के प्रशिक्षक भी हैं। पुस्तक में अनुशासन, सेवा, शांति और अंतर-सांस्कृतिक समझ को प्रमुख मानवीय मूल्यों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का प्रकाशन गीता ज्ञान इंटरनेशनल पब्लिकेशन एवं दिव्य प्रेरक कहानियां ई-प्रकाशन सेंटर, भारत द्वारा किया गया है। यह पुस्तक संत सौरभ के मानवीय एवं सद्भावपरक विचारों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक श्रृंखला की 23वीं कड़ी है।
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