नवरात्रि के पावन पर्व पर मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट ने सफाई कर्मियों को वितरित किए फलाहारी फल।

धर्म, सेवा और मानवता का संगम बना कार्यक्रम, सफाई कर्मियों के सम्मान एवं सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश। 
सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मानव अधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट की ओर से हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सेवा, समर्पण, श्रद्धा और मानवता की भावना को आत्मसात करते हुए दीवान बाजार स्थित कार्यालय पर वार्ड नंबर 49, दीवान बाजार के सफाई कर्मियों के बीच फलाहारी फलों का वितरण किया गया। इस पुनीत आयोजन का उद्देश्य नवरात्रि की धार्मिक परंपराओं को सामाजिक सेवा से जोड़ना तथा समाज की स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सफाई कर्मियों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता व्यक्त करना रहा।
नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा की आराधना, शक्ति, भक्ति, त्याग और सदाचार का प्रतीक है। इन पावन दिनों में श्रद्धालु व्रत-उपवास रखकर माँ भगवती से सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हैं। ऐसे पवित्र अवसर पर जरूरतमंदों और समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा करना भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा को सशक्त बनाता है, जिसमें सेवा को ही सच्चा धर्म और मानवता को सबसे बड़ा कर्तव्य माना गया है।
मानव अधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी़ के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सफाई कर्मियों को फलाहारी फल वितरित कर उनके योगदान की सराहना की गई। सफाई कर्मी हमारे शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने में दिन-रात अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी मेहनत से ही सार्वजनिक स्थानों, गलियों और मोहल्लों में स्वच्छता बनी रहती है। ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और कृतज्ञता का प्रतीक भी है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी़ ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि हमें माँ दुर्गा की शक्ति, साहस, करुणा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। धर्म का वास्तविक स्वरूप केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना, मेहनतकश लोगों का सम्मान करना और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव को बढ़ावा देना भी धर्म का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य मानवता की सेवा करना, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करना तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और सहयोग प्रदान करना है। संगठन आगे भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।
पार्षद उज्जैर अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि वार्ड की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सफाई कर्मियों का योगदान अत्यंत सराहनीय है। वे समाज के स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण और जनसुविधाओं के लिए निरंतर परिश्रम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सफाई कर्मियों का मनोबल बढ़ता है और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रेम, सहयोग और एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
संरक्षक हाजी इरशाद खान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवता की सेवा किसी एक धर्म, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होती। भूखे को भोजन कराना, जरूरतमंद की सहायता करना और मेहनत करने वाले व्यक्ति का सम्मान करना इंसानियत की सबसे खूबसूरत पहचान है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म प्रेम, करुणा, सदाचार और परोपकार का संदेश देते हैं। नवरात्रि के शुभ अवसर पर सफाई कर्मियों को फलाहारी फल वितरित करना सामाजिक एकता, धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रेरणादायक उदाहरण है। ऐसे कार्यों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों को सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।
मीडिया प्रभारी सेराज अहमद कुरैशी ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता और सामाजिक सेवा का मूल उद्देश्य जनहित, जागरूकता तथा मानवीय मूल्यों की रक्षा करना है। समाज के उन लोगों को सम्मान देना आवश्यक है, जिनकी मेहनत से हमारा जनजीवन सुचारु रूप से चलता है। सफाई कर्मी स्वच्छता के सच्चे कर्मयोगी हैं और उनके योगदान को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पावन पर्व हमें बुराइयों पर अच्छाई की विजय, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, नारी शक्ति के सम्मान और मानवता की सेवा का संदेश देता है। यदि हम धार्मिक आस्था के साथ जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान का संकल्प लें, तो एक बेहतर, संवेदनशील और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।
मानव अधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट का यह आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें मानवता की सेवा, श्रम का सम्मान और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति प्रेम एवं संवेदना का भाव समाहित हो। माँ दुर्गा की आराधना के साथ सेवा का यह संकल्प समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी़, पार्षद उज्जैर अंसारी, संरक्षक हाजी इरशाद खान, मीडिया प्रभारी सेराज अहमद कुरैशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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