मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट ने नवरात्रि पर आयोजित किया भव्य फलाहार वितरण कार्यक्रम।

श्रद्धालुओं की सेवा कर दिया मानवता और सामाजिक सद्भाव का संदेश। 
सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
नवरात्रि के पावन अवसर पर मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गोलघर स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भावना के साथ भव्य फलाहार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मां काली के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं, व्रतधारियों, भक्तों, राहगीरों तथा जरूरतमंद लोगों के बीच शुद्ध एवं ताजे फलाहार का वितरण किया गया। इस आयोजन के माध्यम से ट्रस्ट ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सेवा, मानवता, आपसी भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता का प्रेरणादायी संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय ने मां काली की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ किया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच मां काली के जयकारे गूंजते रहे। इसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को फलाहार वितरित कर उनकी सेवा की। फलाहार प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना की और सेवा कार्य में जुटे लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन पर्व है। इस अवसर पर मां दुर्गा एवं मां काली की आराधना के साथ जरूरतमंदों की सेवा करना हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को फलाहार उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल है, क्योंकि इससे धार्मिक आस्था के साथ सेवा और समर्पण की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे आयोजनों की विशेष आवश्यकता है, जो लोगों को एक-दूसरे की सहायता करने, आपसी सद्भाव बनाए रखने और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करें। मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा यह कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इस पुनीत सेवा कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में उपस्थित दर्जा प्राप्त मंत्री पुष्पदंत जैन ने कहा कि धार्मिक पर्व और त्योहार समाज को एकता, सहयोग, करुणा और सेवा का संदेश देते हैं। नवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच फलाहार वितरण करना आस्था के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की वास्तविक पहचान उसके सेवा कार्यों से होती है। जब संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मिलकर जरूरतमंदों की सहायता करते हैं, तो समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट का यह आयोजन सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों में सेवा भावना जागृत होती है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी सहयोग तथा सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने ट्रस्ट से भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी एवं सेवा आधारित कार्यक्रम जारी रखने की अपेक्षा जताई।
मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रज़ी ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रस्ट का मूल उद्देश्य मानवता की सेवा करना, जरूरतमंदों की सहायता करना तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर फलाहार वितरण कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा हर वर्ष निभाई जाती है। इसका उद्देश्य केवल फलाहार वितरित करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को प्रोत्साहित करना भी है। उन्होंने कहा कि धर्म हमें मानवता, करुणा, परोपकार और दूसरों के दुख-दर्द को समझने की प्रेरणा देता है। किसी भूखे को भोजन देना, जरूरतमंद की सहायता करना और किसी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों में से एक है। ट्रस्ट जाति, धर्म और समुदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर मानव सेवा के सिद्धांत पर कार्य करता है और भविष्य में भी सामाजिक, धार्मिक तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रज़ी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, सदस्यों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सेवा कार्य की सफलता सामूहिक सहयोग, समर्पण और निष्ठा से ही संभव होती है। उन्होंने सभी से समाज के कमजोर, जरूरतमंद और असहाय लोगों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। 
इस अवसर पर वहां से जा रहे गजराज (हाथी) को उपस्थित सभी अतिथियों ने फलाहार कराया।फलाहार वितरण के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थित ढंग से फलाहार वितरित किया, ताकि मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और सेवा कार्य में अपना योगदान दिया।
आयोजन के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक आयोजनों की सार्थकता तभी बढ़ती है, जब उनके माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और परोपकार की भावना को प्रोत्साहन मिले। मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट का यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास रहा। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और मानव सेवा के समन्वय का उदाहरण बना। ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपने सामूहिक प्रयास से यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें जरूरतमंदों की सहायता के साथ हर व्यक्ति के प्रति सम्मान, प्रेम और संवेदना का भाव हो।
कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रज़ी ने सभी अतिथियों और सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट भविष्य में भी मानवता की सेवा, सामाजिक सहयोग और जनकल्याण के कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ जारी रखेगा।
कार्यक्रम में मानवाधिकार एवं सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रज़ी, दर्जा प्राप्त मंत्री पुष्पदंत जैन, पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय, मुशर्रफ, इरशाद अहमद, डॉ. जावेद खान, सलीमुल्लाह, सुनील राय, तनवीरुल हक, बदरुल हक, रशीद, राजी अहमद सिद्दीकी, शिवनारायण, चंद्रदेव, विनोद कुमार श्रीवास्तव, शिवेंद्र पांडेय, सुभाष दूबे, महानगर अध्यक्ष अनिल जायसवाल, प्रदेश प्रवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव, योगेंद्र नाथ दूबे, मोहम्मद आजम, पार्षद उजैर अहमद, मीडिया प्रभारी सेराज अहमद कुरैशी, करार मिर्जा तथा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अर्शी खान सहित ट्रस्ट के सैकड़ों कार्यकर्ता, सदस्य एवं स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।

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