संघर्षों को मात देकर नेशनल कबड्डी में पहुंची अंशिका,बेल्थरारोड रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत।

 उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष निलेश"दीपू" मदद के लिए आए आगे
धनंजय कुमार शर्मा 
बेल्थरारोड,बलिया।उत्तर प्रदेश। 
अगर हौसले बुलंद हों तो मुश्किल परिस्थितियां भी मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकतीं। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है बलिया की होनहार बेटी अंशिका राजभर ने। मां को खोने का गम और आर्थिक तंगी जैसी चुनौतियों के बीच अपनी मेहनत, लगन और खेल प्रतिभा के दम पर अंशिका ने नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है। अंशिका, सत्यनारायण राजभर की पुत्री हैं। उनकी सफलता आज उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
      बेल्थरारोड रेलवे स्टेशन पर अंशिका के पहुंचने पर बेल्थरारोड उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं सभासद निलेश ‘दीपू’ ने स्थानीय लोगों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान फूल-मालाओं और शुभकामनाओं के बीच अंशिका अपनी बड़ी बहन से मिलीं तो भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। बहन से लिपटकर रो पड़ीं। यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। स्वागत का यह पल केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच उम्मीद और पारिवारिक रिश्तों की गहराई का भी प्रतीक बन गया।
    इस अवसर पर निलेश ‘दीपू’ ने कहा कि अंशिका की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जब कोई बेटी विपरीत परिस्थितियों से लड़कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है, तो उसका सम्मान करना और आगे बढ़ने में सहयोग देना पूरे समाज की जिम्मेदारी बन जाती है। प्रतिभा को आर्थिक अभाव के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, जहां व्यवस्थाएं और संसाधन पर्याप्त नहीं हैं, वहां हम सभी सामाजिक लोगों का कर्तव्य है कि ऐसी प्रतिभाशाली बेटियों की भरपूर मदद करें। अंशिका जैसी बेटियां अपने संघर्ष और मेहनत से समाज को नई दिशा देती हैं। इन्हें केवल बधाई ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग भी मिलना चाहिए।
 भावनाओं से ओत -प्रोत निलेश ‘दीपू’ ने स्पष्ट किया कि अंशिका को आगे बढ़ने में जिस प्रकार की आवश्यकता होगी, बेल्थरारोड उद्योग व्यापार मंडल अपनी सामर्थ्य के अनुसार तन, मन और धन से सहयोग के लिए तत्पर रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उनकी प्रतिभा को बेहतर मंच मिल सकता है।
      अंशिका का नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप के लिए चयन उनकी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तर प्रदेश के साथ बलिया का नाम भी रोशन करेंगी। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इरादे और सही सहयोग से सफलता की राह बनाई जा सकती है।

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